गिल नहीं खेले तो गुवाहाटी में बनेगा महा रिकॉर्ड, 148 साल में पहली बार होगा

गिल नहीं खेले तो गुवाहाटी में बनेगा महा रिकॉर्ड, 148 साल में पहली बार होगा


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ind vs sa 7 record left handers to play हेड कोच गौतम गंभीर के आने के बाद टीम इंडिया लगातार नए प्रयोगों और सकारात्मक बदलावों के लिए जानी जा रही है. कोलकाता टेस्ट में भारत पहले ही छह लेफ्टहैंडर्स को प्लेइंग XI में उतारकर चर्चा बटोर चुका है.  अब गुवाहाटी में यह संख्या सात तक पहुंच सकती है, जो एक “महा रिकॉर्ड” की तरह दर्ज होगा. 

गुवाहाटी में गिल नहीं खेले तो दूसरे टेस्ट में बनेगा महारिकॉर्ड, खेल सकते हैं 7 बाएं हाथ के खिलाड़ी

नई दिल्ली. दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में होने वाला टेस्ट मुकाबला शुरू होने से पहले ही सुर्खियों में है.  वजह है एक ऐसा अनोखा संभावित रिकॉर्ड, जिसकी उम्मीद भारतीय क्रिकेट में कम ही लोगों ने की होगी.  अगर शुभमन गिल इस टेस्ट में प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं बनते, तो भारत गौतम गंभीर की कोचिंग में सात बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों के साथ मैदान पर उतर सकता हैजो आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है.

हेड कोच गौतम गंभीर के आने के बाद टीम इंडिया लगातार नए प्रयोगों और सकारात्मक बदलावों के लिए जानी जा रही है. कोलकाता टेस्ट में भारत पहले ही छह लेफ्टहैंडर्स को प्लेइंग XI में उतारकर चर्चा बटोर चुका है.  अब गुवाहाटी में यह संख्या सात तक पहुंच सकती है, जो एक “महा रिकॉर्ड” की तरह दर्ज होगा.

गिल की जगह कौन? दो मजबूत दावेदार

यदि शुभमन गिल बाहर बैठते हैं, तो उनकी जगह दो युवा बल्लेबाज़ टीम में नजर आ सकते है एक हैं साई सुदर्शन जिनके पास  शानदार तकनीक, बेहतरीन टाइमिंग और लगातार बढ़ता आत्मविश्वास वहीं दूसरी तरफ
देवदत्त पड्डीकल हैं जो एलीगेंट लेफ्टहैंडर, जो लंबे फॉर्मेट में अपनी क्लास दिखाने को तैयार हैं. दोनों ही बाएं हाथ के बैटर हैं, और इनमें से किसी एक का चयन टीम को लेफ्टहैंड-डॉमिनेंट बैटिंग लाइनअप की ओर ले जाएगा. टीम में पहले से ही यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव है. भारतीय टीम अगर एक गेंदबाज को भी बाहर करती है और एक बल्लेबाज बढ़ाती है तब उस दशा में भी 7 बाएं हात के बल्लेबाज प्लेइंग एलेवन में होंगे. टीम में नितिश रेड्डी है जिनके खेलने की संभावना ना के बराबर है.

क्या होगा दक्षिण अफ़्रीका पर इसका असर?

दक्षिण अफ़्रीका की पेस अटैक गुणवत्ता में विश्व स्तरीय है और वो  लेफ्टहैंड बैटर्स की लंबी लाइन  के खिलाफ रूटीन प्लानिंग कर सकते है. गेंदबाज़ों को लाइन समायोजित करनी पड़ती है और वो लगातार ऑफ स्टंप के बाहर की सामान्य रणनीति काम कर जाती है.कोलकाता में छह लेफ्टहैंडर्स के साथ खेलने के बाद अब यह सवाल चर्चा में है कि क्या गुवाहाटी में टीम इंडिया इतिहास रचने जा रही है.  सोशल मीडिया पर फैंस पहले ही इस “लेफ्टहैंड आर्मी” को लेकर उत्साहित हैं, और मैच से पहले ही माहौल गर्म हो चुका है.
गुवाहाटी टेस्ट सिर्फ एक मुकाबला नहीं होगा, बल्कि टीम इंडिया की एक नई पहचान आक्रामक, निर्भीक और प्रयोग करने वाली मानसिकताका प्रतीक बन सकता है  अगर गिल नहीं खेलते हैं और भारत सात लेफ्टहैंड बैटर के साथ दक्षिण अफ़्रीका का सामना करता है, तो यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में दर्ज होने वाला यादगार क्षण होगा बशर्ते भारतीय टीम के लिए ये प्रयोग सार्थक हो टीम मैच जीते और सीरीज 1-1 से बराबर करने में कामयाब हो.

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