धार जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी प्रयास के तहत पुलिस टीम ने भोज कन्या विद्यालय पहुंचकर छात्राओं को सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्श
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कार्यक्रम के दौरान कोतवाली थाना टीम ने छात्राओं को गुड-टच और बैड-टच, महिला हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर अपराधों से बचाव तथा सोशल मीडिया के खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं को यह भी बताया गया कि इंटरनेट के दुरुपयोग से कैसे कई प्रकार की समस्याएं और अपराध जन्म लेते हैं, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत जरूरी है।
थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चे अक्सर अज्ञानता, अशिक्षा या अन्य परिस्थितियों के कारण भटक जाते हैं, ऐसे बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना समाज और पुलिस की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं को निडर होकर शिक्षा में आगे बढ़ने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी।
चौहान ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को घातक बताते हुए कहा कि यह बच्चों के मन, मस्तिष्क और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि कई बच्चे मोबाइल गेमिंग की लत के कारण खेलकूद और व्यायाम से दूर हो रहे हैं, जो आगे चलकर अनुशासनहीनता और अपराधों की ओर धकेल सकता है। मोबाइल गेमिंग को एक “खतरनाक नशा” बताते हुए उन्होंने इससे दूर रहने की अपील की।
थाना प्रभारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए बच्चों को मैदान में उतरकर क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल जैसे खेलों में भाग लेने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी, ताकि शरीर चुस्त और दुरुस्त बना रहे।
कार्यक्रम में साइबर जागरूकता, मुस्कान अभियान, बालिका सुरक्षा और अन्य संबंधित विषयों पर भी व्यापक जानकारी दी गई। पुलिस के अनुसार, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बीते एक वर्ष में जिले की 200 से अधिक गुमशुदा बालिकाओं को खोजकर परिजनों को सौंपा गया, जिससे उनके परिवारों के चेहरों पर सुकून और खुशी लौटी है। कार्यक्रम में पुलिस विभाग से सपना डोडिया और शुभम जादौन भी उपस्थित रहे।
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