नवंबर के आखिरी हफ्ते में लगाएंगे ये भाजी तो उगलेगी सोना, एक्सपर्ट के टिप्स

नवंबर के आखिरी हफ्ते में लगाएंगे ये भाजी तो उगलेगी सोना, एक्सपर्ट के टिप्स


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Agriculture News: बोने के बाद चने की फसल करीब चार महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है. किसान भाइयों के लिए यह रबी सीजन की सबसे फायदेमंद फसलों में से एक है. सही प्रबंधन और समय पर देखभाल से यह कम लागत में ज्यादा पैदावार देती है, जो सीधे किसानों की आय बढ़ाती है.

सतना. नवंबर के अंतिम हफ्ते में यह फसल लाखों का कारोबार कर सकती है, बशर्ते एक्सपर्ट कहे अनुसार चलें तो. इस मौसम में बोई गई चने की भाजी न सिर्फ तेजी से बढ़ती है बल्कि कम लागत में ज्यादा मुनाफा भी देती है. मध्य प्रदेश के सतना के कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर किसान शुरुआत से ही बीज उपचार, सही दूरी, संतुलित खाद और कीट प्रबंधन पर ध्यान दें, तो खेतों में खड़ी फसल लाखों का रिटर्न दे सकती है. लोकल 18 से बातचीत में कृषि एक्सपर्ट अमित सिंह बताते हैं कि चने की भाजी बोने से पहले बीज उपचार बेहद जरूरी है. इसके लिए किसान कार्बनडाइजिन जैसे फफूंदनाशक का उपयोग करें. इससे बीज सुरक्षित रहते हैं और अंकुरण अच्छी तरह होता है. प्रति एकड़ केवल 30 किलो बीज ही पर्याप्त होता है, इससे अधिक मात्रा सीधा उपज पर असर डालती है.

उन्होंने कहा कि बुवाई के लिए खेत तैयार करने के बाद सीड ड्रिल मशीन का उपयोग करना सबसे अच्छा तरीका है. कतार से कतार की दूरी 30–35 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 8–10 सेमी रखनी चाहिए. यह अंतराल पौधों को पर्याप्त जगह देता है, जिससे जड़ें मजबूत बनती हैं और उत्पादन बढ़ता है.

एनपीके और जैविक खाद का संतुलित उपयोग
उन्होंने आगे कहा कि चने की फसल को नाइट्रोजन की कम जरूरत होती है क्योंकि यह स्वयं वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर लेता है, इसलिए किसान फॉस्फोरस और पोटाश युक्त खाद का उपयोग करें. एनपीके या जैविक खाद दोनों ही चने की भाजी के लिए बढ़िया विकल्प हैं, जो उत्पादन को बढ़ाते हैं और मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखते हैं.

कीट नियंत्रण से बढ़ेगी पैदावार
अमित सिंह ने कहा कि इल्लियों का प्रकोप चना फसल में आम समस्या है, जिससे बचाव के लिए विशेषज्ञ 20–25 दिन बाद प्रोफनो+साइफर या क्लोरो+साइफर के उपयोग की सलाह देते हैं. इनका 30 एमएल घोल 15 लीटर पानी में मिलाकर लगभग 12 डिसमिल जमीन पर छिड़काव किया जा सकता है. एक एकड़ के लिए सिर्फ 8 टंकी (15 लीटर) का स्प्रे पर्याप्त है, जिसकी लागत मात्र 100 रुपये आती है.

चार महीने में फसल तैयार
चने की फसल बोने के करीब चार महीने बाद पूरी तरह तैयार हो जाती है. किसानों के लिए यह रबी सीजन की सबसे फायदेमंद फसलों में से एक है. सही प्रबंधन और समय पर देखभाल से यह कम लागत में बेहतरीन पैदावार देती है, जो सीधे किसान की आय को बढ़ाती है. अगर कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अमल किया जाए, तो नवंबर में बोई गई चने की भाजी निश्चित रूप से खेतों में सोना उगाने का काम कर सकती है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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