बैंक कर्मी के परिवार से 53 हजार की ठगी: धार में आयुर्वेदिक दवा के नाम पर पत्नी से स्कैन कराया QR कोड; साइबर सेल की मदद से वापस मिले रुपए – Dhar News

बैंक कर्मी के परिवार से 53 हजार की ठगी:  धार में आयुर्वेदिक दवा के नाम पर पत्नी से स्कैन कराया QR कोड; साइबर सेल की मदद से वापस मिले रुपए – Dhar News



धार में एक बैंक कर्मचारी के परिवार के साथ आयुर्वेदिक दवा के नाम पर 53 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात लोगों ने कर्मचारी की पत्नी से क्यूआर कोड स्कैन करवाकर यह राशि ट्रांसफर करवा ली थी। हालांकि, साइबर पोर्टल और पुलिस की सक्रियता से यह प

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जानकारी के अनुसार, शहर की त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी बैंक कर्मचारी बी. संतोष की सास से कुछ अज्ञात लोग मिले थे। उन्होंने बुजुर्ग महिला को आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में जानकारी दी और पेमेंट के लिए एक क्यूआर कोड दिया। संतोष की पत्नी ने अपनी मां के कहने पर उस क्यूआर कोड के माध्यम से 53 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

दो दिन बाद पता चली ठगी, 1930 पर की शिकायत घटना के दो दिन बाद बैंक कर्मचारी बी. संतोष को एहसास हुआ कि क्यूआर कोड के जरिए उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने तुरंत कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 पोर्टल पर भी पंजीकृत कराई गई।

राजस्थान के ई-मित्र संचालक के खाते में गई थी राशि थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान के अनुसार, साइबर सेल की मदद से जिस अकाउंट में राशि गई थी, उसे होल्ड करवाया गया। जांच में पता चला कि उक्त अकाउंट से राशि राजस्थान के बांरा जिले में एक ई-मित्र संचालक के अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस ने तत्काल उक्त ई-मित्र संचालक का अकाउंट फ्रीज करवाया और बैंक से जानकारी बुलवाई।

युवकों ने ट्रांसफर कर नकद ले लिए थे रुपए ई-मित्र संचालक से संपर्क करने पर उसने बताया कि कुछ युवकों ने उसके खाते में राशि ट्रांसफर कर उससे नकद रुपए ले लिए थे। इसके बाद राजस्थान की स्थानीय पुलिस की मदद ली गई। पुलिस के प्रयास से उक्त राशि ई-मित्र संचालक से वापस कराई गई, जो बाद में थाना कोतवाली पहुंची।

साइबर सेल और आरक्षक की रही भूमिका शुक्रवार दोपहर को थाने में बैंक कर्मचारी को ठगी गई 53 हजार रुपए की राशि लौटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। राशि वापस दिलाने में धार साइबर सेल और आरक्षक 137 राममूर्ति रावत की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।



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