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Sagar Four Lane Project: मध्य प्रदेश के सागर में बहेरिया चौराहा तेजी से विकास का बड़ा जंक्शन बन रहा है. NH-44, सागर–कानपुर सिक्स लेन, सागर–भोपाल और सागर–दमोह फोर-लेन परियोजनाओं से पूरे बुंदेलखंड का नक्शा बदलने वाला है. पर्यटन, उद्योग और जमीनों के दाम में जबरदस्त उछाल की उम्मीद.
अनुज गौतम ,सागर: सागर को मध्य प्रदेश का दिल कहा जाता है क्योंकि यह प्रदेश के बीचों-बीच स्थित है. लेकिन अब सागर से ही बुंदेलखंड की तरक्की के नए द्वार खुल रहे हैं. सागर से देश के दो प्रमुख नेशनल हाईवे गुजर रहे हैं. तो चार से अधिक स्टेट हाईवे निकलते हैं लेकिन इन सब का केंद्र बिंदु शहर से लगा बहेरिया चौराहा बनने जा रहा है. क्योंकि अभी इस चौराहे से नेशनल हाईवे 44 गुजर रहा था लेकिन अब इसी चौराहे से कानपुर तक नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है इसी चौराहे भोपाल की कनेक्टिविटी करने फोर लाइन का निर्माण हो रहा है इसी चौराहे से अब दमोह तक 4 लाइन का कार्य 2196 करोड़ की लागत से किया जाएगा इसको लेकर स्वीकृति मिल चुकी है केवल टेंडर होने की देरी है विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जनवरी की शुरुआत में टेंडर होने के बाद नए साल में इसका निर्माण कार्य शुरू हो सकता है.सागर दमोह फोर लाइन बनने से यहां जमीन के दाम तो बढ़ ही जाएंगे लेकिन डेवलपमेंट भी इस क्षेत्र का होगा यहां होटल रिसोर्ट कॉलोनिया उद्योग विकसित होंगे फोर लाइन स्वीकृत होने के बाद लोगों ने यहां जमीनों में इन्वेस्ट करना भी शुरू कर दिया है क्योंकि भविष्य में यह है इनके लिए मुनाफे का सौदा साबित होगी.
तीन बड़े नगरों से कनेक्टिविटी
सागर से दमोह के 75 किलोमीटर की सड़क के लिए 40% की राशि राज्य सरकार से और 60% की राशि एमपीआरडीसी देगी इस तरह से स्टेट हाईवे का निर्माण कार्य किया जा रहा है. निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सागर से जबलपुर भोपाल कानपुर की दूरी लगभग बराबर हो जाएगी. इन सभी जगह सागर से डेढ़ ढाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा.
साथ ही इस रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया भी है जिसकी सीधी कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे सागर कानपुर और देश के सबसे बड़े नेशनल हाईवे 44 से हो जाएगी जिसकी वजह से व्यापार उद्योग को नए पंख लगेंगे.
ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
सागर से दमोह के रोड पर धार्मिक सांस्कृतिक ऐतिहासिक और पर्यटक क्षेत्र हैं सीधी कनेक्टिविटी मिलने से इनका महत्व बढ़ेगा पर्यटन के क्षेत्र में विकास की नई आयाम कर जाएंगे इस रोड पर 12000 साल पुरानी आदिमानव काल की फिर से आप चांद की गुफाएं हैं. प्रदेश के सबसे बड़े वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व से कनेक्टिविटी होगी इसके साथ यहां पर सिंगोरगढ़ का प्रसिद्ध किला है यह भी पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा, इसके अलावा गढ़ाकोटा का प्रसिद्ध किला ऐतिहासिक गणेश मंदिर जगदीश स्वामी मंदिर भी स्थित है. इसी रोड पर सनोदा का वह ऐतिहासिक झूला पुल भी मौजूद है जिसे बेबस नदी पर 1828 में ब्रिटिश इंजीनियरों के द्वारा बनवाया गया था जिस देश का पहला झूला पुल होने का गौरव प्राप्त है.
सागर जबलपुर का रास्ता डेढ़ घंटे में तय होगा
इधर सागर से दमोह के लिए फोर लाइन करने के लिए स्वीकृति मिली है उधर दमोह से जबलपुर के लिए 4 लाइन का कार्य शुरू हो गया है, जिसकी वजह से सागर जबलपुर तक 4 लाइन मार्ग तैयार हो जाएगा और ढाई घंटे में तय होने वाला सफर महज डेढ़ घंटे में पूरा होने लगेगा.
दो नेशनल दो स्टेट हाईवे से कनेक्टिविटी
सागर के बहेरिया से जबलपुर तक फोर लाइन बनाया जाएगा, लेकिन बहेरिया चौराहे से सागर कानपुर(लखनऊ), सागर भोपाल, सागर जबलपुर की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. क्योंकि यही से 233 किलोमीटर लंबा सागर कानपुर 6 लाइन हाईवे का कार्य चल रहा है. बहेरिया चौराहे से ही कश्मीर से कन्याकुमारी को जाने वाले देश के सबसे बड़े नेशनल हाईवे 44 गुजरता है, जिससे इसकी कनेक्टिविटी है, भोपाल से सागर के लिए आने वाला फोर लाइन हाईवे भी इसी से कनेक्ट किया जा रहा है. बहेरिया चौराहा पर दो नेशनल हाईवे और 3 स्टेट हाईवे की सीधी कनेक्टिविटी होगी.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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