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Sidhi News: आभा कार्ड (Abha Card Making Process) बनाने के लिए मध्य प्रदेश के अस्पतालों में एक डेडिकेटेड काउंटर तैयार किया गया है, जहां हर रोज बड़ी संख्या में कार्ड बनाए जा रहे हैं. आभा कार्ड बनाने के लिए सामान्यत: आधार या ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है.
सीधी. मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA Card) अब लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है. यह एक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसके माध्यम से नागरिकों के सभी मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से ऑनलाइन संरक्षित रहते हैं. मरीज जब चाहें अपना पूरा स्वास्थ्य इतिहास डॉक्टर के साथ साझा कर सकते हैं, जिससे उपचार में तेजी और सटीकता आती है. आभा कार्ड बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है. आप इसे abha.abdm.gov.in वेबसाइट पर बनवा सकते हैं या फिर नजदीकी सरकारी अस्पताल, आयुष्मान मित्र डेस्क या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी इसे बनवाया जा सकता है.
आधार कार्ड लिंक क्यों जरूरी?
उन्होंने आगे बताया कि आभा कार्ड बनाने के लिए मध्य प्रदेश के अस्पतालों में एक समर्पित काउंटर तैयार किया गया है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में कार्ड बनाए जा रहे हैं. आभा कार्ड बनाने के लिए सामान्यत: आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग किया जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति आधार के माध्यम से कार्ड बनवाता है, तो उसका आधार स्वतः ही लिंक हो जाता है लेकिन यदि कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस से बनाया गया है, तो बाद में आधार लिंक कराना अनिवार्य होता है.
जल्द लिंक कराएं आभा कार्ड
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने सभी प्रमुख पहचान पत्रों को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है ताकि सभी रिकॉर्ड एकीकृत और प्रमाणिक बने रहें, इसलिए जिन लोगों का आभा कार्ड आधार से जुड़ा नहीं है, उन्हें जल्द लिंक करवाना चाहिए.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.