एक ऐसा नंदी जो बदल देता लोगों की तकदीर, जानिए किस रहस्यमयी संप्रदाय से जुड़ा

एक ऐसा नंदी जो बदल देता लोगों की तकदीर, जानिए किस रहस्यमयी संप्रदाय से जुड़ा


भारत रहस्यों और अनोखी परंपराओं की धरती है. यहां हर प्रदेश में कुछ न कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है, जिसे सुनकर मन हैरान भी होता है. ऐसी ही एक अद्भुत कहानी है नंदी की—एक ऐसा नंदी, जो न सिर्फ लोगों के घरों तक पहुंचता है, बल्कि भविष्यवाणी भी करता है, आशीर्वाद देता है. कई परिवारों की किस्मत बदल देता है. यह कहानी जुड़ी है मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के जोशी संप्रदाय से, जहां पीढ़ियों से यह अनोखी परंपरा निभाई जा रही है.

पंडित लव जोशी बताते है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती इलाकों में बसे जोशी समाज के लोग अपने अनोखे नंदी पालन की वजह से बेहद मशहूर हैं. इस समाज द्वारा पाले गए नंदी में एक विशेष आध्यात्मिक शक्ति होती है, जो लोगों को सही दिशा दिखाती है. उनके जीवन से संकट दूर करती है. कभी-कभी भविष्य की झलक भी दे देती है. जब भी यह नंदी किसी घर में प्रवेश करता है.

जोशी संप्रदाय की अनोखी मान्यता
इस समाज में यह भी मान्यता है कि नंदी महादेव का वाहन होने के कारण भगवान शिव के आदेशों को महसूस कर सकता है. इसलिए जब यह किसी व्यक्ति की ओर सिर हिलाता है, सूंड जैसा मुंह हिलाता है या कुछ विशेष संकेत देता है, तो लोग उसे भविष्यवाणी के रूप में समझते हैं. हैरानी की बात यह है कि कई बार ये संकेत सही साबित होते हैं. जिससे इस परंपरा की रहस्यमयता और बढ़ जाती है.

शंभू नंदी जो बन चुका है चर्चा का विषय
लव जोशी कहते है कि आजकल सोशल मीडिया पर जो नंदी वायरल है.उसका नाम शंभू है. सिर्फ तीन साल की उम्र में इसकी ऊंचाई और वजन एक बड़े बैल जैसा हो गया है। देखने में शंभू बेहद आकर्षक, मजबूत और शांत स्वभाव का है. यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध मूल नस्ल से आता है, जिसे वहां की सबसे उत्तम नस्लों में गिना जाता है. शंभू को बचपन से ही जोशी परिवार ने विशेष रीति-रिवाजों के साथ पाला है। इसे रोज पूजा जाता है, मंत्र पढ़े जाते हैं. इसे विशेष आहार दिया जाता है, जिससे इसमें यह आध्यात्मिक ऊर्जा आने का विश्वास किया जाता है.

भविष्यवाणियां और लोगों का विश्वास
शंभू की एक खासियत यह भी है कि यह अनजान लोगों के साथ भी सहजता से संवाद कर लेता है. कई वीडियो में यह साफ दिखाई देता है कि जब कोई व्यक्ति सवाल करता है, तो यह सिर हिलाकर हां या ना जैसा इशारा देता है। यही वजह है कि लोग इसे भविष्यवाणी करने वाला नंदी कहते हैं.जोशी समाज के लोग बताते हैं कि नंदी का व्यवहार ही उसकी भविष्यवाणी का तरीका होता है.

रोजगार का एक बड़ा माध्यम
जहां यह परंपरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखती है, वहीं जोशी समाज के लिए यह रोजगार का महत्वपूर्ण साधन भी बन गई है. नंदी को पालने, उसकी देखभाल, पूजा-पाठ, यात्रा और कार्यक्रमों के माध्यम से कई परिवार आज स्थायी आय प्राप्त कर रहे हैं. लोग स्वेच्छा से दान-दक्षिणा देते हैं, क्योंकि उनका विश्वास है कि नंदी का आशीर्वाद घर में सुख-समृद्धि लाता है.



Source link