जिले में वोटरों की संख्या घटना तय है। अंतर कितना होगा? यह काम पूरा होने पर पता चलेगा। अभी तक 15 हजार 470 वोटर तो बीएलओ को मिले ही नहीं हैं। ईएफ (एन्यूमरेशन फॉर्म) यानि गणना पत्रक वापसी 4 दिसंबर तक होना है। इस दिन तक लापता वोटरों की संख्या लगभग 80 हज
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इसका अंदाजा बुधवार, गुरुवार की रिपोर्ट के अंतर से लगाया जा सकता है। बुधवार को 11 हजार 587 वोटर मृत, शिफ्टिेड, पहले से इनरॉल्ड या अनट्रेस थे। यह संख्या गुरुवार को बढ़कर 15 हजार 470 तक पहुंच गई। इससे साफ है कि एक ही दिन में 3 हजार 883 वोटर उक्त चारों कैटेगरी में जुड़े हैं। एसआईआर के तहत यह काम अभी 14 दिन का बाकी है। अभी ईएफ फीडिंग 19.2% हो चुकी है।
बीएलओ इस समय हड़बड़ी में हैं। कारण- उनके ऊपर वरिष्ठ अफसरों का प्रेशर है कि ईएफ वापस लेने का काम जल्द निपटाएं। दूसरी तरफ हकीकत यह है कि न तो बीएलओ एप ठीक से काम कर रहे हैं, न 40 फीसदी बीएलओ मोबाइल फ्रेंडली हैं। सर्वर संबंधी और भी कई दिक्कतें हैं। इसी कारण हड़बड़ी में गड़बड़ी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
जिनके नाम दूसरे शहरों में… उन्हें नाम कटने का डर
जिले की वोटर लिस्ट में ऐसे वोटर बहुत हैं, जिनके नाम दूसरे शहरों की लिस्ट में हैं। इनकी संख्या सर्वाधिक डीडीनगर व आसपास के क्षेत्र में हैं। यहां अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे बीएलओ ओम प्रकाश उपाध्याय, राघवेंद्र शर्मा, अमित शर्मा ने इसकी पुष्टि की।
सभी ने कहा कि जिन वोटरों के नाम दूसरे शहरों में हैं और पहले से इनरॉल्ड दिख रहे हैं वे ईएफ नहीं भरना चाहते। अधिकतर पुराने जिले के एड्रेस पर ही नाम रखना चाहते हैं। ये फोन कर तरह-तरह की बातें कर परेशान भी कर रहे हैं। गोला का मंदिर से आगे के गली-मोहल्लों में ऐसे वोटरों की संख्या अधिक होने की पुष्टि कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी की।
फिर ठप हुआ बीएलओ एप
दो सप्ताह में भी निर्वाचन आयोग की टीम बीएलओ एप में सुधार नहीं कर पायी है। एक दिन पहले इसकी शिकायत दिल्ली से आए अफसरों से भी की जा चुकी है। गुरुवार दोपहर 12 बजे से एप ने काम करना बंद कर दिया था। शाम को स्लो चला, इसलिए प्रोग्रेस नहीं दिखाई दी।
ये हड़बड़ी में गड़बड़ी? इसलिए आप ही सतर्क रहें
मौजूदा स्थिति में अब वोटर को ही खुद अलर्ट पर रहना होगा। आपके घर ईएफ पहुंचा है या नहीं, लेने और भरकर देने दोनों के लिए बीएलओ से संपर्क करें और पावती भी लें। दिक्कत है तो टोल फ्री नंबर 0751-1950 या संबंधित अधिकारी का नंबर लेकर शिकायत करें।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने कहा कि किसी भी वोटर का नाम हटाने से पहले नोटिस की प्रक्रिया होगी। बिना इसके सीधे नाम नहीं हटेंगे।