जावेद सिद्दीकी के घर पर नहीं चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट ने दिया 15 दिन का स्टे, दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा है मामला

जावेद सिद्दीकी के घर पर नहीं चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट ने दिया 15 दिन का स्टे, दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा है मामला


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Javed Ahmed Siddiqui News: इंदौर के महू कैंटोनमेंट में जावेद अहमद सिद्दीकी के पुराने चार मंजिला मकान को महू कैंट बोर्ड ने अवैध बताया और नोटिस जारी किया. मकान निवासी अब्दुल माजिद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. कोर्ट ने नोटिस में त्रुटियों और 2025 सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस का पालन न होने के कारण 15 दिन का स्टे ऑर्डर दिया, जिसके चलते बुलडोजर कार्रवाई रोकी गई है.

महू में जवाद सिद्दीकी के मकान पर हाईकोर्ट ने दिया 15 दिन का स्टे

मिथिलेश गुप्ता

Jawad Ahmed Siddiqui News: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का पुराना पैतृक मकान इन दिनों सुर्खियों में है. यह चार मंजिला मकान मुकेरी मोहल्ला में है और इसके कुछ हिस्से को महू कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण बताया है. बोर्ड ने हाल ही में नोटिस जारी कर सिर्फ तीन दिन का समय दिया था कि अवैध हिस्सा खुद हटा लें, वरना बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया जाएगा और खर्चा भी वसूला जाएगा.

यह मकान मूल रूप से जावेद सिद्दीकी के पिता स्वर्गीय मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम पर दर्ज है. हम्माद सिद्दीकी कभी महू के शहर काजी रह चुके थे. परिवार ने यह मकान जावेद को गिफ्ट किया था. बाद में जावेद सिद्दीकी ने इसे अब्दुल माजिद नाम के शख्स को गिफ्ट कर दिया. तब से अब्दुल माजिद और उनका परिवार इस मकान में रह रहा है. महू कैंट बोर्ड का कहना है कि यह निर्माण 1996-97 में दिए गए पुराने नोटिस के आधार पर अवैध है. नोटिस में साफ नहीं बताया गया कि मकान का कौन सा हिस्सा गैरकानूनी है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की 2025 वाली नई गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया गया. बोर्ड ने अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों का हवाला दिया है.

फिलहाल इस मकान पर बुलडोजर एक्शन नहीं होगा. क्योंकि मकान में रहने वाले अब्दुल माजिद ने इंदौर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दाखिल की थी. अब्दुल माजिद इस संपत्ति पर अपना क्लेम कर रहे हैं, क्योंकि मकान उन्हें गिफ्ट किया जा चुका है.

याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तीन मुख्य आधारों पर 15 दिन का स्टे ऑर्डर दे दिया है:

वर्तमान नोटिस में 1996-97 के पुराने नोटिस का जिक्र तो है, लेकिन सही तरीके से नहीं बताया गया.
नोटिस में यह साफ नहीं है कि मकान का ठीक कौन सा हिस्सा अवैध है.
सुप्रीम कोर्ट की ताजा गाइडलाइंस (2025) का पालन नोटिस में नहीं हुआ.

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों – यानी याचिकाकर्ता और महू कैंट बोर्ड – को अपना पक्ष रखने के लिए 7-7 दिन का समय दिया है. इस तरह कुल 15 दिन बाद मामले की अगली सुनवाई होगी. तब तक बुलडोजर एक्शन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है. यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि जावेद सिद्दीकी इन दिनों दिल्ली ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में जांच के घेरे में है, लेकिन मकान तोड़ने का यह पुराना विवाद अवैध निर्माण से जुड़ा है. अब देखना पक्ष मजबूत रखने के लिए अब्दुल माजिद को राहत मिली है, लेकिन 15 दिन बाद कोर्ट क्या फैसला लेगी, यह देखना बाकी है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has… और पढ़ें

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