Last Updated:
नक्सली एनकाउंटर को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के सवालों ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह नक्सली हिंसा के विरोधी हैं, लेकिन असली मुद्दा बस्तर में PESA का लागू होना, आदिवासी अधिकार और SIR की शर्तों से जुड़ा है. उनके पोस्ट के बाद पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता PC शर्मा ने समर्थन दिया और कहा कि आत्मसमर्पण मॉडल ने पहले भी परिणाम दिए हैं. दूसरी ओर भाजपा ने तगड़ा पलटवार किया.
ममता लांजेवार
रायपुर/ भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि वह नक्सली हिंसा के खिलाफ हैं लेकिन मुद्दा बस्तर के आदिवासी अधिकारों से जुड़ा है. खूंखार मोस्ट वांटेड हिडमा समेत 6 नक्सलियों की मौत के मामले को लेकर दिग्गी के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में हंगामा दिया है. कांग्रेस इस मुद्दे पर अलग ही बयान दे रही है. उसका कहना है कि पार्टी ने अपनी तरफ से बयान देगी, लेकिन वह दिग्विजय सिंह के सभी बयानों पर अपनी सहमति नहीं देती है; यह उनका अपना बयान हो सकता है.
दिग्विजय सिंह नक्सलियों पर कार्रवाई नहीं कर पाए थे, उनके मंत्री की हत्या तक हुई थी
PC शर्मा ने हाल के एनकाउंटर में शहीद सब इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का जिक्र किया है. उनका कहना है कि इन घटनाओं पर संवेदनशील दृष्टिकोण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि समाधान केवल गोलियों से नहीं आता. भाजपा ने कांग्रेस के रुख पर सीधा हमला किया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि दिग्विजय सिंह के शासन में नक्सलवाद गंभीर समस्या था. उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने उनकी सरकार के एक मंत्री की हत्या तक कर दी थी. भाजपा ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह नक्सलियों पर कार्रवाई नहीं कर पाए थे. प्रवक्ता ने कहा कि यह उनकी कमजोर इच्छाशक्ति को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अभियान चला रही है तो कांग्रेस को दिक्कत हो रही है.
भाजपा का पलटवार, कहा देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं ऐसे बयान
मंत्री विश्वास सारंग ने भी कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हर समय देशद्रोहियों के साथ दिखते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वह आतंकियों और नक्सलियों को संरक्षण देने की सोच रखते हैं. सारंग ने कहा कि दो दिन पहले शहीद हुए जवानों पर दिग्विजय सिंह ने शब्द तक नहीं कहा. उन्होंने दिग्विजय पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उनके बयान देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं. एनकाउंटर और आदिवासी अधिकारों को लेकर यह बहस तेजी से बढ़ गई है. दोनों दल इस पर जोरदार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. आने वाले दिनों में विवाद और गहराने की संभावना है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें