INDA vs BANA: राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2025 में टीम इंडिया के युवा खूब चर्चा में थे. जिस तरह की दमदार टीम थी उस हिसाब से टीम की खिताबी जीत पक्की नजर आ रही थी. लेकिन पहले पाकिस्तान से हार का झटका मिला और अब पत्ता ही साफ हो गया है. सेमीफाइनल में बांग्लादेश से हार के बाद जितेश शर्मा ने खुद की गलती स्वीकार की. शानदार फॉर्म होने के बाद भी सुपर ओवर में जितेश शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य को सुपर ओवर के लिए नहीं चुना. इस गलती का भुगतान टीम को टूर्नामेंट से बाहर होकर चुकाना पड़ा.
शानदार फॉर्म में थे वैभव-प्रियांश
वैभव सूर्यवंशी की पॉवर हिटिंग क्षमता से हर कोई वाकिफ है. सूर्यवंशी ने एक से बढ़कर एक ताबड़तोड़ पारियां खेली हैं. इसके बाद भी कप्तान जितेश शर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ सुपर ओवर में उन्हें नहीं नजरअंदाज कर दिया. जितेश और टीम मैनेजमेंट के इस फैसले से हर कोई हैरान था. यहां तक कि एक विकेट गिरने के बाद भी जितेश और कोच ने वैभव और प्रियांश की तरफ नहीं देखा और आशुतोष शर्मा को तरजीह दी. नतीजा ये कि टीम इंडिया सुपर ओवर में 1 रन भी नहीं बना सकी. जबकि वैभव और प्रियांश दोनों ने इस मैच में धुआंधार पारियां खेली थीं.
वैभव-प्रियांश की बदौलत सुपर ओवर तक पहुंचा मैच
टीम इंडिया ने बांग्लादेश ए के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. बांग्लादेश की तरफ से शानदार बैटिंग हुई और बोर्ड पर 194 रन लगे. वैभव-प्रियांश ने भारत को दमदार शुरुआत दी. वैभव ने महज 15 गेंद में 38 रन ठोक दिए जबकि प्रियांश ने 44 रन की आतिशी पारी खेली. दोनों के बीच आतिशी अर्धशतकीय साझेदारी हुई, अच्छी शुरुआत की बदौलत ही टीम 194 तक पहुंची वरना हार पहले ही तय थी. इसके बाद भी उन्हें सुपर ओवर में नहीं उतारा गया.
माथा पीट रहे जितेश
हार के बाद जितेश शर्मा ने कहा, ‘क्रिकेट का अच्छा गेम, हमारे लिए अच्छी सीख, मैं सारी जिम्मेदारी लूंगा. एक सीनियर होने के नाते मुझे गेम खत्म करना चाहिए. यह सीखने के बारे में है, हारने के बारे में नहीं. आपको कभी नहीं पता, ये लोग किसी दिन इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जीत सकते हैं. टैलेंट के मामले में वे आसमान छू रहे हैं. यह सब सीखने और एक्सपीरियंस के बारे में है. मेरा विकेट टर्निंग पॉइंट था. मुझे पता है कि इन सिचुएशन को कैसे हैंडल करना है. उन्होंने सच में बहुत अच्छी बॉलिंग की.’
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‘मेरा फैसला था’
उन्होंने आगे कहा, ‘जिसने भी 19वां ओवर किया, क्रेडिट उसे जाता है. पूरे 20 ओवर हम कंट्रोल में थे, किसी को ब्लेम मत करो. यह एक अच्छा गेम है, बस. वे पावरप्ले के मास्टर हैं (वैभव और प्रियांश) लेकिन डेथ ओवरों में मैं, आशु और रमन ऐसे हैं जो अपनी मर्ज़ी से हिट कर सकते हैं, तो यह सुपर ओवर का लाइनअप मेरा और टीम मैनेजमेंट का फैसला था. वह लेफ्टी लड़का जिसने इनिंग्स खेली, ऐसे शॉट्स खेलने में कमाल का है, उनका फ्यूचर भी कमाल का है.’