अशोकनगर जिला अस्पताल के आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच में चार नए लोगों की पहचान होने के बाद उनके नाम एफआईआर में जोड़ दिए गए हैं। इन आरोपियों में अस्पताल के सुरक्षाकर्मी और सफाईकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने वी
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कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि जांच के दौरान जिन व्यक्तियों ने वीडियो शूट किए और उन्हें वायरल किया, वे चिन्हित किए गए हैं। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों ने वीडियो पुलिस या अस्पताल प्रशासन को देने के बजाय सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिससे अस्पताल की छवि धूमिल हुई।
टीआई रवि प्रताप सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि इस तरह के वीडियो बनाना, रखना या शेयर करना गंभीर अपराध है। यदि किसी के पास ऐसी सामग्री पहुंचती है, तो उसे तुरंत पुलिस को सौंपना चाहिए। अन्यथा कार्रवाई से बचना संभव नहीं होगा।उन्होंने दोहराया कि भविष्य में ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कुछ समय पहले जिला अस्पताल परिसर में गार्डन और मुख्य गेट के पास युवक-युवती और महिला-पुरुष द्वारा अनैतिक कृत्य करते हुए वीडियो वायरल हुए थे। उसी समय संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से पुलिस वीडियो बनाने और वायरल करने वालों की पहचान में जुटी थी।