बैतूल में आयुष विभाग ने अमानक पाई गई कई आयुर्वेदिक दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई भोपाल से जारी निर्देशों के बाद की गई है।
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प्रतिबंधित दवाओं में डाबर इंडिया की कफ कुठार रस (बैच नंबर एसबी 00066) और लक्ष्मी विलास रस (नारदीय) (एसबी 00065) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, श्री धन्वंतरी हर्षलला विपेज की प्रवाल पिष्टी (पीपीएमबी 077) और मुक्ता शुक्ति (एमएसबीडी 059), तथा शर्मायू जेन्युन की गिलोय सत्व (005 पी-1) और कामदुधा रस (251170002 पी-1) भी अमानक पाई गई हैं।
औषधि नियंत्रक एवं संचालनालय आयुष, मध्य प्रदेश द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में, शनिवार को जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर के नेतृत्व में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्टॉकिस्टों और औषधि विक्रेताओं की गहन जांच की गई।
जांच के दौरान, उपरोक्त दवाएं अमानक घोषित की गईं, जिसके बाद इनकी अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने की कार्रवाई की गई। इस श्रेणी की सभी अमानक आयुर्वेदिक दवाओं के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य स्तरीय निर्देशों के अनुरूप की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस संबंध में सख्त निगरानी जारी रहेगी ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।