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Sagar Weather Update: सागर और बुंदेलखंड में अचानक सर्दी कम हो गई है. दिसंबर के पहले सप्ताह में तापमान बढ़ेगा और पंखे तक चलाने की नौबत आ सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बर्फबारी न होने और हवाओं के बदलने से ठंड कमजोर पड़ गई है.
अनुज गौतम, सागर: एक हफ्ते पहले तक सागर सहित पूरा बुंदेलखंड शीत लहर की चपेट में था. जिससे आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड होने का अनुमान लगाया जा रहा था. लेकिन अब स्थितियां पूरी तरह बदल गई है. दिसंबर कि पहले सप्ताह में पंखे चलेंगे. अगले दो-तीन दिन में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने से कड़ाके की ठंड से राहत मिलेगी. जो सर्द हवा आ रही है उसकी तीव्रता अब कमजोर हो गई है, साथ ही हवा का रुख अब उत्तर पूर्वी होने की संभावना है. इसके कारण तापमान में बढ़ोतरी देखने मिलेगी.
मौमस वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में और दूसरे राज्यों में बारिश हुई. उसकी वजह से पारा जबरदस्त गिरा. इस बीच थोड़ी बर्फबारी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई. लेकिन अब दिसंबर के पहले सप्ताह में पहाड़ी क्षेत्रों में भी तापमान बढ़ने वाला है. क्योंकि बर्फबारी नहीं हो रही है. जब उत्तरी क्षेत्र में बर्फबारी होती है तभी सर्दियों बढ़ती हैं लेकिन फिलहाल हवाएं हैं और बर्फबारी की वजह से ही यह तय होता है कि आने वाले दिनों में कितनी सर्दी होगी.
सागर की मौसम विशेषज्ञ इंजीनियर गोविंद राय ने बताया अभी रात्रि का तापमान स्टेबल हो गया है. अब सूर्य अस्त से लेकर सूर्य उदय तक ही ठंड है, दिन में सूर्य की चुभन ज्यादा है. जिससे तापमान नहीं गिर रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों में फिलहाल बर्फबारी नहीं है. आगे चलकर रात का तापमान और बढ़ेगा.
बर्फबारी नहीं होने से ठंड से राहत
इनजीनियर गोविंद राय के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह में मिनिमम तापमान में 3 डिग्री का जंप देखने को मिलेगा. बर्फबारी नहीं हो रही है उत्तरी क्षेत्र से मैदानी इलाकों में जो हवाएं आती हैं वह अभी शुष्क हैं. उनमें बर्फ की मात्रा नहीं है अगर बर्फबारी जल्द नहीं आई तो बाकी बचा नवंबर ऐसे ही निकलेगा, या एक तरह से ऐसा भी कह सकते हैं कि दिन और रात का तापमान स्टेबल हो गया है. सिर्फ जहां पथरीले इलाके हैं उन क्षेत्रों में हल्का तापमान डाउन हो रहा है. अगर पश्चिम मध्य प्रदेश की बात करें जैसे भोपाल इंदौर उज्जैन है उस तरफ थोड़ा सा तापमान डाउन जा रहा है, लेकिन दो-चार दिन के अंदर यहां भी तापमान स्टेबल हो जाएगा.
अगले 10 दिनों तक बारिश भी नहीं
अभी देख रहे थे कि बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम तैयार हुआ था. जो बे मौसम बारिश करने के लिए पर्याप्त सिग्नल दे रहा था लेकिन आज की स्थिति में अगर देखे तो यह सिस्टम लगातार कमजोर पड़ रहा है, अब वह संभावना नहीं दिख रही है जो 28 ,29, 30 में बारिश होने की संभावना दिख रही थी अब नहीं है. और रात्रि का तापमान भी बढ़ेगा ज्यादा ठंड का असर नवंबर की समापन तक और दिसंबर की पहले सप्ताह में नहीं है
ठंड के लिए सबसे उपयुक्त बर्फबारी मानी जाती है काज़िस्तान पाकिस्तान की ओर से आने वाला जो दिल्ली को कवर करता है उसे क्षेत्र में बर्फबारी नहीं है, जब 10 दिन पहले बारिश आई थी तब दिन में हल्का फाग आया था अब दिल्ली में भी फोग नहीं है साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में भी बर्फबारी नहीं है इस वजह से मौसम ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव कह सकते हैं.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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