इंदौर में स्टूडेंट्स हॉस्टलों से लगातार मोबाइल और लैपटॉप चोरी की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी गूगल मैप से हॉस्टलों की लोकेशन और एंट्री-एग्जिट पॉइंट की जानकारी जुटाते थे, जबकि भाषा समझने के लिए गूगल जैमिनी का उपयोग करते थे। तीनों आरोपी रोजाना महू से ट्रेन पकड़कर इंदौर आते, हॉस्टलों में चोरी करते और वापस महू लौट जाते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 25 लाख रुपए के मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट बरामद किए हैं। चेकिंग में पकड़ा गया पहला संदिग्ध डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि भंवरकुआं क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस टीम सक्रिय थी। शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में बताया कि वह इंदौर के हॉस्टलों में चोरी करता है। 7 दिन से किराए के मकान में छिपे थे उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके दो साथियों को भी महू के अंबेडकर नगर से गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी तमिलनाडु के वेलूर जिले के रहने वाले हैं- मुथीयानथन पिता गोपाल, निवासी नरियामपट्टू; मगेन्द्र पिता वेंकटरमन और दीपक पिता बिसकर्मा, दोनों निवासी पेरियापल्लम। ये सभी एक सप्ताह से किराए के मकान में छिपकर रह रहे थे। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर करते थे रेकी टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करते हुए आरोपी गूगल मैप से शहर के हॉस्टलों की पहचान, लोकेशन और आसपास के ले-आउट की जानकारी जुटाते थे, वहीं तमिल भाषा में निर्देश और स्थानीय जानकारी समझने के लिए वे गूगल जैमिनी का इस्तेमाल करते थे। माल इकट्ठा कर तमिलनाडु में बेचने वाले थे मोबाइल की जांच में यह पूरी साजिश सामने आई कि आरोपी इसी तकनीक के जरिये हॉस्टल्स की रेकी कर रहे थे और मौका मिलते ही आसानी से अंदर घुसकर मोबाइल-लैपटॉप चोरी करते थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि इंदौर में चोरी का माल इकट्ठा कर उसे तमिलनाडु ले जाकर बेचने की उनकी योजना थी। शाम होते ही वापस महू लौट जाते थे
छानबीन में सामने आया कि आरोपी हर रोज सुबह महू से ट्रेन लेकर इंदौर आते। दिन में अलग-अलग हॉस्टल्स को टारगेट करते और शाम होते ही वापस महू लौट जाते थे। इस तरह वे शहर में किसी को जरा भी संदेह हुए बिना कई दिनों तक चोरी की वारदातें अंजाम देते रहे। अब तक तीनों आरोपियों पर भंवरकुआं थाने में 2, विजय नगर थाने में 1 और बाणगंगा थाने में 1 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। सभी मामलों में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट चोरी करने की शिकायतें शामिल हैं। 18 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और 1 टैबलेट मिले पुलिस ने आरोपियों से 18 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और 1 टैबलेट सहित कुल लगभग 25 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि गिरोह ने शहर में और भी वारदातों को अंजाम दिया हो। इसकी जांच जारी है। पुलिस उनके नेटवर्क, पुराने केस और तमिलनाडु में जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा जा रही है।
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