मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर इंदौर में यह दावा किया जा रहा है कि शत प्रतिशत प्रपत्र का वितरण कर दिया गया है। फिर भी इंदौर इस मामले में फिसड्डी शहरों की गिनती में है। इसके पीछे कारण देरी से पत्रक वितरण के साथ कई कारण सामने आए हैं।
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कई मतदान केंद्रों पर बीएलओ अभी तक पहुंचे ही नहीं है जिनको लेकर कार्यालय द्वारा नोटिस भी जारी किए गए हैं। इस कार्य में कुछ ऐसे कर्मचारी भी लगाए गए हैं जो आवश्यक कार्य के कारण अवकाश पर हैं। गर्भवती महिलाएं और शिक्षिकाओं को भी इस काम की जिम्मेदारी दी गई है उन्हें भी यह नोटिस जारी किए गए हैं।
जानिए और क्या-क्या हैं कारण
- बीएलओ ने घर-घर जाकर पत्रक दे तो दिए लेकिन लोग समय नहीं मिलने के कारण भर नहीं रहे।
- कई लोगों को उसे भरना ही नहीं आ रहा है। अगले दिन जब बीएलओ घर पहुंचते हैं तो फिर उनके सामने भरते हैं। इसमें बहुत समय लग रहा है।
- बीएलओ की परेशानी यह है कि अगले दिन जब पत्रक लेने जाते हैं तो मतदाता घरों पर ही नहीं मिल रहे हैं।
- कुछ लोगों की परेशानी यह है कि 2003 का उन्हें वोटर आईडी कार्ड ही नहीं मिल रहा है। इसके बाद बीते सालों में पांच बार वोटर कार्ड अपडेट हो चुके हैं।
- मतदाताओं से पत्रक भरवाने के बाद उन्हें ऑन लाइन करने में भी काफी समय लग रहा है।