नई दिल्ली में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में बैतूल की भरेवा/डोकरा आर्ट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत एक हस्तशिल्प स्वयं सहायता समूह को मिला।
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प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक चले इस मेले में बैतूल नगर पालिका के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अंतर्गत पंजीकृत हस्तशिल्प स्वयं सहायता समूह ने अपना स्टॉल लगाया था।
समूह की अध्यक्ष संगीता उईके, सीमा नामदेव और NULM के सिटी मिशन मैनेजर अखिलेश चौहान ने बैतूल की प्रसिद्ध भरेवा/डोकरा कला से निर्मित बेल मेटल के एंटीक आइटम प्रदर्शित किए।
इस प्रदर्शनी को स्वयं सहायता समूह वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर नगर पालिका अध्यक्ष पार्वतीबाई बारसकर, नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया, सिटी मिशन मैनेजर हंसराज मसतकर और पूरी नगर पालिका परिषद ने टीम को बधाई दी।
बता दें कि बैतूल के पास गांव तिगरिया को क्राफ्ट विलेज की संज्ञा मिली हुई है इस गांव में भरेवा जाति समाज से जुड़े कई परिवार बेल मेटल से बने सजावटी सामान बनाते हैं जिसकी देश-विदेश में बड़ी मांग है यह अलंकृत करने वाले सामान कई मंचों पर पहले भी पुरुस्कृत हो चुके हैं
