भिंड में पुलिस कस्टडी में मारपीट का आरोप: कोर्ट ने मेडिकल किया खारिज, पैनल से जांच के आदेश; पीड़ित बोला- इतना मारा कि पसलियां टूट गईं – Bhind News

भिंड में पुलिस कस्टडी में मारपीट का आरोप:  कोर्ट ने मेडिकल किया खारिज, पैनल से जांच के आदेश; पीड़ित बोला- इतना मारा कि पसलियां टूट गईं – Bhind News


शनिवार को जब पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, तो उनकी हालत देखकर न्यायालय ने पुलिस मेडिकल को अस्वीकार कर दिया।

भिंड जिले के फूप थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम हुए एक साधारण बाइक एक्सीडेंट के बाद पुलिस पर हिरासत में 5 लोगों के साथ मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं। शनिवार को जब पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, तो उनकी हालत देखकर न्यायालय ने पुलिस मेडिकल को अ

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जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम सैनिक कॉलोनी निवासी विवेक (पुत्र दीपक शर्मा) सब्जी खरीदने के लिए ठेले पर खड़ा था। उसी समय छोटू जाटव बाइक से आया और विवेक से टकरा गया। टक्कर से छोटू गिर पड़ा। बताया जाता है कि इसके बाद विवेक और उसके परिजनों ने छोटू के साथ मारपीट की, जिससे सड़क पर जाम लग गया।

सादी वर्दी में पुलिस से बहस, मोबाइल छीना सूचना पर सादी वर्दी में पुलिस जवान राहुल राजावत मौके पर पहुंचे। बीच-बचाव के दौरान विवेक पक्ष की पुलिस जवान से भी बहस हो गई। इसी दौरान स्थानीय युवक दीपक परमार ने घटना का वीडियो बनाना चाहा, तो विवेक पक्ष ने उसका मोबाइल छीन लिया।

पुलिस की मारपीट से घायल हुए पांच युवकों पर अलग-अलग धाराओं में तीन एफआईआर दर्ज की है। ये आरोपी न्यायालय में पेश किए गए। दो युवकों के गंभीर चोट होने के कारण चलने में भी असमर्थ रहे। इसी समय उनक पिता ने सहारा दिया

रात में घर से उठाया, थाने में पिटाई का आरोप घटना शांत होने के बाद रात को पुलिस विवेक व उसके परिजनों के घर पहुंची और कई सदस्यों को थाने ले आई। बाद में महिलाओं-बच्चों को छोड़ दिया गया, लेकिन विवेक शर्मा, प्रमोद शर्मा, अभिषेक शर्मा, दीपक शर्मा और सुरेश शर्मा को रातभर हवालात में रखा गया। आरोप है कि हवालात में पांचों के साथ जमकर मारपीट की गई, जिससे प्रमोद व दीपक को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज करते हुए विवेक पक्ष पर एससी-एसटी एक्ट लगाया है।

कोर्ट ने पुलिस मेडिकल नामंजूर किया शनिवार को पेशी के दौरान आरोपियों की हालत बेहद खराब थी। प्रमोद और दीपक चल भी नहीं पा रहे थे। प्रमोद ने अदालत को बताया कि हवालात में लाठी-डंडों से पिटाई की गई है। मेडिकल रिपोर्ट में प्रमोद के शरीर पर 11 गंभीर चोटों का उल्लेख सामने आया। इन तथ्यों पर न्यायालय ने पुलिस मेडिकल को अमान्य मानते हुए पैनल बोर्ड से दोबारा मेडिकल कराने के निर्देश दिए।

मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी प्रमोद के शरीर पर चोटों के 11 निशान पुष्ट हुए।

मेडिकल रिपोर्ट में आरोपी प्रमोद के शरीर पर चोटों के 11 निशान पुष्ट हुए।

कोर्ट के बाहर गिर पड़ा आरोपी अधिवक्ता हिमांशु शर्मा की दलीलों पर अदालत ने सभी को जमानत दे दी। जमानत के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय प्रमोद की हालत बिगड़ गई और वह सड़क पर गिर पड़ा। उसने कहा कि अब चला नहीं जाता, मेरी पसलियां टूट गई हैं।

वकील बोले- पुलिस ने बर्बरता की वहीं वकील ने कहा, “पुलिस ने हमारे पक्ष के लोगों के साथ बर्बरता की है। हवालात में लाठियों से पिटाई की गई, जिसका सबूत प्रमोद के शरीर पर मौजूद 11 चोटें हैं। पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा और पूरे मामले को एकतरफा बना दिया गया। कोर्ट ने भी आरोपियों की स्थिति देखकर सख्ती दिखाई और पैनल बोर्ड से मेडिकल के आदेश दिए।”

टीआई बोले- आरोपी नाटक कर रहे फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र राजपूत ने कहना है कि “यह एक साधारण एक्सीडेंट था जिसे विवेक और उसके परिजनों ने गंभीर रूप दिया। छोटू के साथ मारपीट की गई और वीडियो बना रहे युवक का मोबाइल छीना गया। सभी आरोपी उपद्रवी प्रवृत्ति के हैं। कोर्ट के आदेश पर पैनल बोर्ड मेडिकल कराया जाएगा। पुलिस ने किसी से मारपीट नहीं की, आरोपी केवल नाटक कर रहे हैं।”

एसडीओपी बोले- शिकायत पर निष्पक्ष जांच होगी एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने कहा कि “न्यायालय ने पैनल बोर्ड से मेडिकल कराए जाने के निर्देश दिए हैं, उसी आधार पर दोबारा मेडिकल कराया जाएगा और रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाएगी। यदि किसी पक्ष द्वारा गलत व्यवहार या मारपीट की शिकायत की जाती है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।”



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