महाकाल मंदिर से निकले वेस्ट फूलों से घरों मे पहुंचा रहे है बाबा का आशीर्वाद

महाकाल मंदिर से निकले वेस्ट फूलों से घरों मे पहुंचा रहे है बाबा का आशीर्वाद


मध्य प्रदेश, कर्नाटक और बिहार के युवा छात्रों ने महाकालेश्वर मंदिर में अर्पित फूलों से कमाई का नया तरीका खोजा है. इन छात्रों ने वेस्टेज फूलों को इको-फ्रेंडली हार्ड प्रोडक्ट में बदलकर मार्केट में बेचना शुरू किया है और लाखों की कमाई कर रहे हैं. उनके इस स्टार्टअप को देखकर कई कंपनियों ने छात्रों को नौकरी के ऑफर भी देने शुरू कर दिए हैं. अभी तक छात्रों ने वेस्टेज फूलों से कटोरी, प्लेट्स, मोमेंटो सहित 16 तरह के अलग-अलग प्रोडक्ट बनाए हैं. ये सभी छात्र उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं.

प्रोडक्ट कैसे तैयार होते
कई टीम नें जब छात्र मृत्युंजय बड़ोले से इस प्रोडक्ट के बारे मे जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि हमने अब तक 16 तरह के प्रोडक्ट बनाए हैं, जिनमें कटोरी, प्लेट्स, शील्ड्स (मोमेंटो), लोगो, राखी, टेंपल, कॉस्टर्स, श्री चरण और कई अन्य आइटम शामिल हैं. इनकी क्वालिटी बेहद खास है. हम 13 साल की वारंटी देते हैं, यानी कुछ भी टूटे तो हम इसे वापस लेकर रिसायकल कर देते हैं. ग्राहक को सिर्फ तय कीमत चुकानी होती है. जब हम उज्जैन पढ़ाई के लिए आए, तो मंदिरों में फूलों को कचरा समझकर फेंकते देखा. क्षिप्रा नदी में भी फूल बहते हुए दिखाई दिए. तभी विचार आया कि क्यों न भक्तों के भाव को सुरक्षित रखा जाए.बस, हम पांचों ने 2021 में रिसर्च शुरू की और आज इसका परिणाम आपके सामने है.

लगातार बढ़ रहा प्रोडक्ट का प्रॉफिट
छात्राओं ने बताया कि हमने 2024 में प्रोडक्ट बेचना शुरू किया. साल भर में 2 लाख रुपए का रेवेन्यू हासिल किया. हमने 60 रुपए से लेकर 2200 रुपए तक के प्रोडक्ट बनाए हैं. फिलहाल 15–20% का फायदा ले रहे हैं. हमारा ध्यान अभी प्रोडक्शन बढ़ाने और प्रोडक्ट को ऑनलाइन मार्केट में बेचने पर है. अभी जो रेवेन्यू मिला है, वह सिर्फ उज्जैन लोकल से आया है. रेस्पॉन्स बहुत अच्छा मिल रहा है और आगे हम देश-दुनिया के मंदिरों से भी संपर्क करेंगे.

स्टार्टअप के लिए मिल चुके हैं अवार्ड
यह कोई मामूली स्टार्टअप नही बल्कि इस स्टार्टअप की टीम को अब तक कई पुरस्कार मिल चुके हैं. 22 दिसंबर 2024 को यंग एंटरप्रेन्योरशिप फोरम ने उन्हें डिस्ट्रिक्ट लेवल पर पहला पुरस्कार दिया, जिसमें 51,000 रुपए की राशि मिली. इसके अलावा, 12 जनवरी 2025 को भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी द्वारा इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने स्टेट लेवल पर फर्स्ट प्राइज दिया, जिसमें 11,000 रुपए का इनाम शामिल था.

कौन हैं ये पांच छात्र जिन्होंने शुरू किया स्टार्टअप
1. मृत्युंजय बड़ोले (21 साल) – खरगोन निवासी, बीएससी ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी, तीसरा सेमेस्टर.

2. योजना राहंगडाले (20 साल) – बालाघाट निवासी, बीएससी बॉटनी, तीसरा सेमेस्टर.

3. यूगांक सिंह (22 साल) – भभुआ, बिहार निवासी, बीएससी ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी, चौथा सेमेस्टर.

4. तन्मय जैन (27 साल) – उज्जैन के तराना तहसील निवासी, बायोटेक्नोलॉजी पीएचडी कर रहे हैं.

5. आहना चक्रवर्ती (20 साल) – कोलकाता निवासी, बीएससी फोरेंसिक, तीसरा सेमेस्टर, ये पांचों छात्र मिलकर वेस्टेज फूलों को इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट में बदलने वाले इस अनोखे स्टार्टअप को चला रहे हैं.



Source link