Last Updated:
Indor sarafa Baazar: इंदौर का सराफा बाजार रात में भारत का सबसे यूनिक स्ट्रीट फूड मार्केट बन जाता है, जहां खोपरा पेटीज़ से गोल्ड आइसक्रीम तक अनोखे व्यंजन मिलते हैं. 18वीं सदी में शुरू हुई यह परंपरा आज इंदौर की पहचान बन चुकी है.
Indore News: अगर आप इंदौर आए और सराफा बाजार की चाट चौपाटी पर मौजूद अनोखी चटपटे मसालेदार व्यंजनों की दुकान का लुत्फ नहीं उठाया तो क्या इंदौर आए. आज सराफा बाजार यहां की पहचान बन चुका है, लेकिन इसकी शुरुआत के पीछे भी एक बड़ा ही रोचक किस्सा है. अचानक किसी परिस्थिति की वजह से शुरू हुआ यह बाजार विश्व प्रसिद्ध चाट चौपाटी बन चुका है.
दिन के समय, सर्राफा बाजार सोने, चांदी और आभूषणों की खरीद-बिक्री का एक प्रमुख केंद्र होता है. यह शहर के सबसे बड़े आभूषण बाजारों में से एक है, जैसे ही दिन में आभूषण की दुकानें बंद होती हैं, यह बाज़ार एक जीवंत और चहल-पहल वाले स्ट्रीट फूड कोर्ट में बदल जाता है. यह भारत का पहला और एकमात्र ऐसा बाजार है जो इतनी देर रात तक, यानी तड़के 4 बजे तक खुला रहता है. यहां आपको प्रयोग से भरपूर व्यंजन चखने को मिलेंगे जैसे खोपरा पेटीज, बड़ा सा जलेबा, गोल्ड वाली आइसक्रीम, जोशी जी के दही बड़े, जामुन शॉट्स इत्यादि.
ऐसे शुरू हुआ सराफा बाजार
सराफा बाजार के शुरू होने के पीछे बड़ी ही रोचक कहानी है, यह बाजार 18वीं सदी में इंदौर की रानी, अहिल्याबाई होलकर के शासनकाल के दौरान स्थापित हुआ था. उस समय सुरक्षा कारणों से आभूषण व्यापारियों को रात में दुकानें बंद होने के बाद अपनी सुरक्षा के लिए अपनी दुकानें स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सौंपने की अनुमति दी गई थी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि देर रात तक बाजार में चहल-पहल बनी रहे और चोरी का खतरा कम हो जाए. यही परंपरा आज एक प्रसिद्ध ‘मिडनाइट फूड मार्केट’ बन गई है.
हालांकि विजय चाट के विजय ठाकर इस बात से इनकार करते हैं. उनका मानना है कि इंदौर में उस समय अच्छा माहौल था और बहुत कम चोरी होती थी,इसलिए उन्हें इस बात पर उतना यकीन नहीं होता बल्कि वो मानते हैं कि इंदौर में उस समय काफी कपड़ा मिल हुआ करती थीं, जिसके मजदूर देर रात छुटते थे और वो यहां आकर नाश्ता करते थे. साथ ही अपने घर भी ले जाते थे. तब से ही धीरे-धीरे सराफा बाज़ार का प्रचलन बढ़ गया और अब यह इंदौर की पहचान बन चुका है.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें