गेहूं बोने में हुई देरी? अनुभवी किसान और एक्सपर्ट ने बता दिया जोरदार तरीका, लेट के बावजूद होगी बंपर पैदावार

गेहूं बोने में हुई देरी? अनुभवी किसान और एक्सपर्ट ने बता दिया जोरदार तरीका, लेट के बावजूद होगी बंपर पैदावार


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विंध्य क्षेत्र में धान की खेती खूब होती है, यही वजह है कि किसानों के खेत देर से खाली हुए और बहुत से किसान गेहूं की बुवाई समय पर नहीं कर पाते. लेकिन, ऐसे किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां किसान और एक्सपर्ट दोनों हल बता दिया है. जानें…

रिपोर्ट: राकेश पटेल

Gehun Kheti Tips: मध्य प्रदेश विंध्य क्षेत्र में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. कई बार धान की फसल कटते-कटते देरी हो जाती है. इस वजह से ज्यादातर किसानों को गेहूं की फसल की बुवाई करने में देरी होती है. अगर आप भी गेहूं की बुवाई देरी से कर रहे हैं, तो परेशान न हों. गेहूं की खेती की तकनीक में थोड़ा सा बदलाव करके आप बंपर उत्पादन कर सकते हैं.

किसान पुष्पेंद्र सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यदि गेहूं की बुवाई समय पर नहीं हो पाई है, तो सबसे जरूरी है कि सही किस्म का चयन. गर्मी, सहनशील और लेट बुवाई के लिए उपयुक्त किस्मों में एचआई 1544, उषा तेजस (एचआई 8759), CG1029 जैसी वैरायटी अधिक उत्पादन देने के लिए जानी जाती हैं. ये वैरायटी तापमान बढ़ने पर भी बेहतर ढंग से बढ़ती हैं और ठोस दाना तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखती हैं.

गीले खेत वाले किसान करें ये काम 
किसान राम अवतार पटेल ने लोकल 18 को बताया, खेती में समय बचाने के लिए सुपर सीडर किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. तकनीकी तरीके से जुताई और खेत तैयार करने में जहां 15-20 दिन लग जाते हैं, वहीं सुपर सीडर मशीन से खेत की नमी के बीच सीधे बुवाई की जा सकती है. इससे खेती का समय काफी बच जाता है और लेट लपेटी के बावजूद किसान समय पर फसल की बुवाई कर लेते हैं. जिनके खेत अभी गीले हैं, वे बिना किसी देरी के सुपर सीडर से सीधी बुवाई कर सकते हैं. सूखे खेतों वाले किसान सीड ड्रिल मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

ऐसे करें सिंचाई
कृषि विशेषज्ञ संजय सिंह बताते हैं कि गेहूं बुवाई के बाद 21-25 दिन में पहली सिंचाई करना बहुत जरूरी है, ताकि जड़ मजबूत हो सके. इसके बाद गेहूं की फसल में कुल 4-5 सिंचाई करना अनिवार्य है. दूसरी सिंचाई 40-45 दिन में, तीसरी 60–65 दिन में, चौथी 80-90 दिन में और अंतिम सिंचाई 100-110 दिन में करनी चाहिए। समय पर सिंचाई से फसल का उत्पादन अधिक होता है.

पत्तियों का पीलापन हो जाएगा दूर
सर्द मौसम में गेहूं की पत्तियों के नीचे का हिस्सा पीला पड़ने की समस्या भी आम है. इसकी मुख्य वजह उर्वरक का पौधे तक सही रूप में न पहुंचना है. संजय सिंह के अनुसार, यदि फसल में पीलापन दिखे तो 8-10 ग्राम यूरिया प्रति लीटर पानी में मिलकर पत्तियों पर छिड़काव करें. इससे फसल का पीलापन दूर होकर पौधा फिर से हरा-भरा हो जाता है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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