दतिया SNCU में नवजात उपचार की तस्वीर बदली: 16 साल में 83 प्रतिशत डिस्चार्ज दर, 7 प्रतिशत मृत्यु दर दर्ज – datia News

दतिया SNCU में नवजात उपचार की तस्वीर बदली:  16 साल में 83 प्रतिशत डिस्चार्ज दर, 7 प्रतिशत मृत्यु दर दर्ज – datia News



दतिया अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) ने पिछले 16 वर्षों में नवजात शिशुओं के इलाज के क्षेत्र में ऐसा बदलाव किया है, जिसने न सिर्फ जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आशा की नई किरण जगाई है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के सतत निरीक्षण

.

एक समय था जब गंभीर नवजातों के उपचार के लिए परिजनों को निजी अस्पतालों या अन्य जिलों की शरण लेनी पड़ती थी, लेकिन अब दतिया का जिला अस्पताल ही भरोसे का बड़ा केंद्र बन गया है। एसएनसीयू 4 वेंटिलेटर, 5 सी-पैप मशीनों और अत्याधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस है। वहीं 7 अनुभवी शिशु रोग विशेषज्ञ 24×7 निगरानी में उपचार प्रदान कर रहे हैं।

यूनिट में खून की जांच और एक्स-रे जैसी महत्त्वपूर्ण सुविधाएं भी चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं, जिससे उपचार की गति और गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिला है।

चार साल में 7649 नवजात हुए भर्ती, 6364 स्वस्थ होकर लौटे वर्ष 2021 से अक्टूबर 2025 तक एसएनसीयू में कुल 7649 नवजात भर्ती हुए, जिनमें से 6364 पूर्णत: स्वस्थ होकर घर लौटे। वहीं अन्य संस्थानों में जन्मे 2969 आउटबॉर्न नवजातों का भी सफल उपचार किया गया। उच्च स्तरीय देखभाल के चलते डिस्चार्ज दर 83 प्रतिशत रही, जबकि मृत्यु दर मात्र 7 प्रतिशत जो राज्य की औसत दर से काफी कम है।

रेफरल मामलों में भी 71 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बेहतर परिणामों के चलते अब उत्तर प्रदेश और आसपास के जिलों से भी नवजात उपचार के लिए दतिया एसएनसीयू में मरीज पहुंच रहे हैं।

माताओं के लिए मदर वार्ड, यूनिट में 20 बेड का मदर वार्ड भी संचालित है, जहां नवजातों की माताओं के ठहरने की व्यवस्था है। संवेदनशील नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षित वातावरण और मानवीय देखभाल के कारण माताओं ने संतुष्टि और भरोसा जताया है।

प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारियों की सतत निगरानी, चिकित्सकों की तत्परता और नवजात शिशु सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों ने सेवाओं को और मजबूत किया है।

800 ग्राम तक के नवजातों का सफल उपचार एसएनसीयू प्रभारी डॉ. जगराम माझी और उनकी टीम ने 800 ग्राम वजन वाले गंभीर नवजातों तक का सुरक्षित इलाज कर उन्हें सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया हैयह जिला स्तर पर बेहद उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।



Source link