ई-कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम को सुरक्षित बनाने पुलिस कमिश्नर की बैठक: पुलिस कमिश्नर बोले – डिलीवरी करने वालों की स्पीड लिमिट फिक्स हो, नियमों का पालन करें – Indore News

ई-कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम को सुरक्षित बनाने पुलिस कमिश्नर की बैठक:  पुलिस कमिश्नर बोले – डिलीवरी करने वालों की स्पीड लिमिट फिक्स हो, नियमों का पालन करें – Indore News


इंदौर में संचालित ई-कॉमर्स डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनियों के एजेंटों और प्रबंधकों को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बैठक के लिए बुलाया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में तेजी से बढ़ती ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के कारण यातायात पर पड़ रहे प्रभाव और इससे जुड़ी

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पुलिस कमिश्नर ने कहा कि डिलीवरी सेवाओं की गतिशीलता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और आम जनता की सुरक्षा से समझौता करके नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य सेवाओं को बाधित करना नहीं, बल्कि उन्हें शहर के ट्रैफिक और सुरक्षा ढांचे के अनुरूप एकीकृत करना है।

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने ली मीटिंग।

बैठक में पुलिस कमिश्नर के निर्देश

  • ट्रैफिक नियमों का आ‌वश्यक रूप से पालन किया जाए। सभी डिलीवरी पार्टनर्स (एजेंटों) को ट्रैफिक नियमों, विशेषकर निर्धारित स्पीड लिमिट और हेलमेट पहनने के नियम का सख्ती से पालन करना होगा।
  • सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके साथ जुड़े सभी डिलीवरी बॉय का वैरिफिकेशन हो और उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, इश्योरेंस सहित सभी डॉक्यूमेंट्स हो।
  • डिलीवरी हब और प्रमुख डिलीवरी पाइंट्स पर गाड़ियों की अव्यवस्थित पार्किंग से होने वाली ट्रैफिक की दिक्कतों को रोकने के लिए कंपनियों को अपने स्तर पर उचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करना होगी।
  • कंपनियों को अपने डिलीवरी कर्मियों के लिए नियमित सुरक्षा जागरूकता और ट्रैफिक नियमों के पालन का प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना चाहिए।
  • सुरक्षा चिंताओं के मामले में पुलिस विभाग के साथ आवश्यक जानकारी/डेटा साझा करने में सहयोग करें।
मीटिंग में बड़ी संख्या में एजेंट्स व प्रबंधक शामिल हुए।

मीटिंग में बड़ी संख्या में एजेंट्स व प्रबंधक शामिल हुए।

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा है कि कंपनियों के 10 हजार से ज्यादा डिलीवरी एजेंट्स है पूरे इंदौर में, जो घरों में जाकर डिलीवरी करते है। ये सभी घरों में जाकर सामान डिलीवर करते है उनका वैरिफिकेशन बेहतर होना चाहिए, ताकि सुरक्षा का कोई इश्यू पैदा ना हो। गाड़ियों की स्पीड लिमिट हो।

ऐसी फीचर्स होना चाहिए कि इनके द्वारा कोई अनियमितता करने पर वह अपने आप बंद हो जाए या उनके द्वारा की गई डिलीवरी को फेल मान लिया जाए। प्रबंधकों ने उनके यहां की सिक्योरिटी फीचर्स की जानकारी भी पुलिस को दी है।

गूगल शीट का दिया सुझाव

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रबंधकों ने यह अपेक्षा की है कि ये डिलीवरी करने वालों की जानकारी गूगल शीट में भर देंगे और पुलिस उनको वेरिफाई कर ले। इस प्रोसेस को भी स्थापित कर रहे है। डिलीवरी करने वालों के रिकॉर्ड भी चेक किए जाएंगे। कंपनियों के प्रबंधकों ने ये भी बताया कि वे थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन भी करवाते हैं।



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