धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू समाज को संगठित होने का जरूरत: शिवपुरी में कहा- कृष्ण लला हम आएंगे, माखन मिश्री खाएंगे – Shivpuri News

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू समाज को संगठित होने का जरूरत:  शिवपुरी में कहा- कृष्ण लला हम आएंगे, माखन मिश्री खाएंगे – Shivpuri News


शिवपुरी में मंगलवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद् भागवत कथा का दूसरा दिन हिंदुत्व, राम मंदिर और राष्ट्रवाद पर केंद्रित रहा। कथा की शुरुआत आरती से हुई, जिसमें कुछ माह पहले शहीद हुए गौरव सेंगर को विशेष रूप से या

.

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन की शुरुआत अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के क्षण का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि उनका मन अयोध्या में है। शास्त्री ने पंचमी तिथि और सीता-राम विवाह उत्सव का जिक्र करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुगल आक्रांताओं पर निशाना साधते हुए शास्त्री ने कहा, “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है।”

मथुरा जन्मभूमि विवाद पर भी बोले उन्होंने आगे कहा कि जहां कभी हरे झंडे की योजना बनती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा, “कृष्ण लला हम आएंगे, माखन मिश्री खाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।”

शास्त्री ने तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए शिवपुरी की भूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों को कड़ी टक्कर देने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शास्त्री ने बताया कि तात्या टोपे ने शिवपुरी में फांसी को चूमकर अपने प्राण त्यागे थे।

मंच से उन्होंने शिवपुरी की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि शिवपुरी को भगवा मय बनाना असंभव नहीं। उन्होंने कहा कि अगर शिवपुरी का हर हिंदू अपने घर पर भगवा फहरा दे, तो शिवपुरी नहीं बल्कि अयोध्या दिखने लगेगी।

कथा गंगा मन को स्वच्छ करती है उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि कुछ ‘टोपी वाले’ अपने घरों पर हरे रंग का झंडा टांग देते हैं, जिससे ऐसा लगता है जैसे पड़ोसी देश के लोग आ गए हों। कथा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कथा गंगा को मन का एंटीवायरस बताया। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान से पाप धुलते हैं, पर कथा की गंगा मन के कुविचारों को धोने का काम करती है। जिस प्रकार सर्फ एक्सल कपड़े साफ करता है, उसी प्रकार कथा गंगा मन को स्वच्छ करती है।

हिंदू समाज की स्थिति पर बोलते हुए पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं की गिरावट का सबसे बड़ा कारण हिंदू स्वयं हैं। उन्होंने कहा कि तीन मुसलमान होंगे तो एक के सिर पर टोपी होगी, ईसाई क्रॉस पहनते हैं लेकिन हिंदू तिलक हीन, शस्त्रहीन और शास्त्र हीन हो गया।

उन्होंने कहा कि रामायण-गीता से दूरी और अपने धर्मग्रंथों का ज्ञान न होना हिंदुओं के लिए चिंताजनक है। हिंदू वो नहीं जो हिंदुत्व की बात करे… हिंदू वो है जो हिंदुत्व को दिल से धारण करे।

उन्होंने माता-पिता से कहा कि बच्चों को कथा में बैठाएं, देवालय भेजें, क्योंकि आज मोबाइल-रील्स और चैटिंग ने युवाओं को गलत राह पर डाल दिया है। सोशल मीडिया को तलाक का बड़ा कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि 299 के इंटरनेट पैक में पूरा मुजरा देख लो। आज बहू नाच रही है और ससुर लाइक कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सुंदरता नहीं, समझदारी विवाह का आधार होना चाहिए। दूसरे दिन की कथा में राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, परिवार और भारतीय मूल्य व्यवस्था पर जोर देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज को संगठित और जागृत होने का संदेश दिया।

देखिए तस्वीरें…



Source link