मऊगंज जिले में धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर विवादों में आ गई है। सेवा सहकारी समिति वन्नई के परंपरागत खरीदी स्थल को ग्राम वन्नई से हटाकर डिहिया भेजने के फैसले से किसान भड़क उठे हैं। मंगलवार को किसान प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर इस निर्णय
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किसानों का कहना है कि ग्राम वन्नई में खरीदी केंद्र वर्षों से सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहा था, जहां पर्याप्त जगह, सुविधाएं और आसान पहुंच उपलब्ध थी। इसके बावजूद, अचानक इसे डिहिया ट्रांसफर करने का निर्णय कई सवाल खड़े करता है।
खरीदी स्थल बदलने के पीछे समिति प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध
किसान एवं कांग्रेस नेता नृपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि खरीदी स्थल बदलने के पीछे समिति प्रबंधक राजकुमार कुशवाहा की भूमिका संदिग्ध है, क्योंकि डिहिया उनका गृह ग्राम है। किसानों ने दावा किया कि प्रबंधक की कार्यशैली पहले भी विवादों में रही है और धारा 317 के तहत मामला दर्ज होने के बाद वे जेल भी जा चुके हैं।
लोग बोले- किसानों के हित में नहीं है ये फैसला
किसानों के अनुसार, खरीदी स्थल के इस परिवर्तन से उन्हें जगह, लाइट-पानी की समस्या होगी और यह निर्णय जनहित में नहीं है। दो दर्जन से अधिक किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर समिति प्रबंधक को हटाने और खरीदी केंद्र को डिहिया से वापस वन्नई में लाने की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। उनके आक्रोश और आरोपों ने प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।