कटनी जिले में मंगलवार को आयाेजित जनसुनवाई में एक 82 वर्षीय वृद्ध पहुंचे। किसान रामलाल ने बताया कि वह बीते आठ वर्षों से अपनी ही जमीन का कब्जा वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं मिला।
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फाइलों का ढेर लेकर लगाई गुहार
ग्राम पडुआ निवासी रामलाल मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे। उनके हाथ में 2017 से 2025 तक की शिकायतों की रसीदें, अदालत के आदेश और कई फाइलें थीं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनकी जमीन खसरा नंबर 996 में 1.25 हेक्टेयर के हिस्से का लगभग 300 वर्ग फीट हिस्सा पिछले 20 वर्षों से कुछ दबंगों के कब्जे में है।
वृद्ध रामलाल के अनुसार, जगदीश प्रसाद पटेल, जगदेव पटेल, बबलू पटेल और छोटेलाल पटेल सभी ग्राम पडुआ निवासी उनकी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए बैठे हैं।
अदालत का आदेश, फिर भी कार्रवाई नहीं रामलाल ने बताया कि इस मामले में तहसील न्यायालय कब्जा हटाने का आदेश पहले ही दे चुका है। इसके बावजूद प्रशासन 2017 से आज तक उन्हें उनका वैधानिक कब्जा दिलवाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि वह आठ साल से कलेक्टर कार्यालय और तहसील की जनसुनवाई में लगातार आवेदन दे रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है।
बोले- जनसुनवाई ढकोसला साबित हो रही है
82 वर्षीय किसान का कहना है कि प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही ने उन्हें मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा-
“कलेक्टर साहब से लेकर छोटे बाबू तक सबको मेरी समस्या पता है, लेकिन समाधान कोई नहीं करता। मेरे जैसे बुजुर्ग को आखिर और कहां जाना चाहिए”