इटारसी में ट्रेन से लापता, खंडवा अस्पताल में मिला शव: जनरल टिकट पर एसी कोच के गेट पर बैठे डायलिसिस मरीज को टीसी ने उतारा था – Khandwa News

इटारसी में ट्रेन से लापता, खंडवा अस्पताल में मिला शव:  जनरल टिकट पर एसी कोच के गेट पर बैठे डायलिसिस मरीज को टीसी ने उतारा था – Khandwa News



इटारसी रेलवे स्टेशन से गायब हुए एक शख्स को पिछले 24 घंटे से उसके परिजन ढूंढ़ रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया तो मुंबई से एक रेल यात्री का फोन आया और उसने बताया कि इस व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसे खंडवा स्टेशन पर उतारकर अस्पताल भेजा

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परिजन इटारसी से सीधे खंडवा जिला अस्पताल पहुंचे, तब तक शख्स की मौत हो चुकी थी।

टीटी द्वारा ट्रेन से उतारने की बात सामने आई दरअसल, छनेरा-हरसूद का रहने वाले रामकृष्ण का लंबे समय से भोपाल में इलाज चल रहा था। दोनों किड़निया खराब होने के चलते वहां डायलिसिस हो रही थी। डिस्चार्ज होने के बाद वह मंगलवार को ट्रेन में सवार होकर घर लौट रहा था। साथ में पत्नी और बेटा भी था।

तीनों के पास जनरल टिकट था लेकिन जनरल कोच में भीड़ को देखते हुए परिवार ने रामकृष्ण को एसी कोच के दरवाजे के पास नीचे बैठा दिया था।

रामकृष्ण की पत्नी और बेटा जनरल कोच में सवार हो गए। तभी इटारसी जंक्शन पर ट्रेन रुकी, यहां टीसी ने रामकृष्ण को जनरल टिकट पर एसी कोच के गेट पर बैठा देखा तो उसका सामान प्लेटफार्म पर फेंक दिया। फिर रामकृष्ण को धक्का देकर नीचे उतार दिया।

पीछे की बोगी में बैठी पत्नी की नजर पड़ी तो वह बाहर आई और बिखरे हुए कपड़े बटोरने लग गई। तभी ट्रेन चलने लगी तो वह वापस जनरल कोच में जाकर बैठ गई। उसने सोचा कि रामकृष्ण भी बोगी में बैठ गए होंगे लेकिन खिरकिया स्टेशन पर उतरने के बाद पता चला कि वो ट्रेन में नहीं है।

हालत गंभीर थी, खोजबीन में पुलिस भी जुट गई खिरकिया स्टेशन पर रामकृष्ण के ना मिलने पर पत्नी और बेटा दोनों वापस इटारसी पहुंचे। वहां तलाश की, फिर जीआरपी थाने में शिकायत की। पुलिस ने फोटो वायरल किए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान मुंबई से एक शख्स को फोन आया।

उसने जानकारी दी कि रामकृष्ण को गंभीर हालत में खंडवा स्टेशन पर उतारा गया था। वहां से अस्पताल भेजा गया। परिजन खंडवा अस्पताल आए तो रामकृष्ण को मृत पाया।

जांच के बाद टीसी के खिलाफ कार्रवाई होगी इधर, भोपाल रेल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने कहा कि रेलवे स्टाफ नियमों के अनुसार ड्यूटी करता है। मानवीय आधार पर फैसला लेना उसके विवेक पर निर्भर करता है। उस समय की स्थिति जांच का विषय है। जांच के बाद ही संबंधित टीसी पर कार्रवाई होगी।



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