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Pradosh Vrat Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत अत्यंत पावन माना जाता है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. इस दिन की पूजा से जीवन के संकट दूर होते हैं और सौभाग्य बढ़ता है.
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यंत शुभ महत्व बताया गया है. यह पावन व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है. इस दिन विधि–विधान से पूजा करने पर शिव कृपा से सुख, समृद्धि और जीवन में सफलता प्राप्त होती है. महीने में दो बार आने वाला यह व्रत सुबह से लेकर संध्या तक रखा जाता है. शाम को भगवान शिव परिवार की विशेष पूजा की जाती है.जिसके बाद व्रत का पारण किया जाता है.
कई लोग कर्ज से बेहद परेशान रहते हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए हर संभव उपाय करते हैं. वे देवताओं की प्रार्थना भी करते हैं कि ऋण का बोझ जल्दी उतर जाए. ऐसे लोगों के लिए प्रदोष व्रत बेहद प्रभावी माना गया है. आइए जानते हैं उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से कि दिसंबर माह का पहला प्रदोष व्रत कब पड़ेगा और किस तरह इस व्रत के प्रभाव से कर्ज की समस्या से मुक्ति मिल सकती है.
कब रखा जाएगा भौम प्रदोष व्रत
वैदिक पंचांग के अनुसार, अगहन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 02 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 57 मिनट पर होगी. वहीं, त्रयोदशी तिथि का समापन 03 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर होगा. त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है. इसके लिए 02 दिसंबर को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा.
भौम प्रदोष व्रत का महत्व
जब प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार यह दिन कर्ज मुक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पुराणों में उल्लेख है कि त्रयोदशी की संध्या में प्रथम प्रहर के समय भगवान शिव के दर्शन करने से व्यक्ति के जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएँ दूर होने लगती हैं और समस्याओं का समाधान मिलता है.
इन नियमों का अवश्य करें पालन
प्रदोष व्रत के दिन प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और व्रत का संकल्प लें. फिर पूजा स्थान की विधिवत सफाई कर भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें. इसके बाद शिव परिवार की श्रद्धा से पूजा करें तथा भगवान शिव को बेलपत्र, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें. उसके बाद प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें, फिर आरती उतारें और शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें. इसके पश्चात ही उपवास का पारण करें.