उज्जैन में अनोखा ऑपरेशन: जेसीबी से घायल कोबरा को लगाए 80 टांके, मिला नया जीवन


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Ujjain News: डॉ मुकेश जैन ने फौरन ऑपरेशन की तैयारी की. करीब दो घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में सांप के शरीर पर कुल 80 टांके लगाए गए. सांप के नाजुक शरीर पर इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम देना आसान काम नहीं था.

उज्जैन. मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में धर्म-कर्म के साथ पशु-पक्षी की सेवा का भी विशेष महत्व देखने को मिलता है. आपने अक्सर देखा होगा कि आमतौर पर लोग सांप को देखते ही डर के मारे उसे मारने पर उतारू हो जाते हैं लेकिन यहां एक सांप को बचाने के लिए सर्पमित्रों और डॉक्टरों ने मिलकर ऐसा प्रयास किया कि हर कोई हैरान रह गया. दरअसल पूरा मामला विक्रम नगर इंडस्ट्रियल क्षेत्र का है. यहां निर्माण कार्य के दौरान एक कोबरा प्रजाति का सांप जेसीबी मशीन की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गया. रात के समय हुए इस हादसे के बाद सांप कई चोटों के साथ वहीं आसपास भटक रहा था.

स्थानीय लोगों ने जब घायल सांप को देखा, तो उन्होंने तुरंत सर्पमित्र राहुल और मुकुल को सूचना दी. दोनों मौके पर पहुंचे और सावधानी से सांप को रेस्क्यू किया. उसकी हालत काफी गंभीर दिखाई दे रही थी, इसलिए बिना देर किए उसे उदयन मार्ग स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया. वहां पशु चिकित्सक मुकेश जैन ने सांप की जांच की, तो पता चला कि उसके सिर और शरीर के पिछले हिस्से में गहरी चोटें थीं. स्थिति काफी नाजुक थी लेकिन डॉक्टर ने हिम्मत नहीं हारी.

80 टांके लगाकर सांप को दिया नया जीवन
डॉ मुकेश जैन ने तुरंत ऑपरेशन की तैयारी की और करीब दो घंटे तक चले इस जटिल उपचार में सांप के शरीर पर कुल 80 टांके लगाए. सांप के नाजुक शरीर पर इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम देना आसान नहीं था लेकिन डॉक्टर और उनकी टीम रवि राठौर, प्रशांत परिहार और अन्य कर्मचारियों ने पूरी सावधानी और दक्षता से यह कार्य किया. ऑपरेशन सफल रहा और सांप को वापस सर्पमित्रों को सौंप दिया गया, जहां अब वह पूरी तरह स्वस्थ है.

सबसे ज्यादा दिखता है यह सांप
डॉ जैन ने लोकल 18 को बताया कि घायल सांप एलापिडे प्रजाति का है. दुनियाभर में कोबरा की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें भारतीय कोबरा और किंग कोबरा सबसे प्रसिद्ध हैं. किंग कोबरा और सामान्य कोबरा अलग-अलग वंश के होते हैं. यह सांप नाजा वंश का था. ऐसी प्रजातियां प्रायः इंसानी बस्तियों के आसपास या कृषि क्षेत्रों में अधिक देखी जाती हैं.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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