गुवाहाटी में इन 5 कारणों के चलते टीम इंडिया का बंटाधार, गंभीर भी शर्मसार

गुवाहाटी में इन 5 कारणों के चलते टीम इंडिया का बंटाधार, गंभीर भी शर्मसार


नई दिल्ली. जो भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस ने कभी सोचा नहीं था, हेड कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व में उन्हें वह सब देखना पड़ रहा है. सालभर के अंदर टीम इंडिया को अपने घर में दूसरी बार शर्मसार होना पड़ा. पहले न्यूजीलैंड और अब साउथ अफ्रीका ने भारत को उसी के घर में चारों खाने चित करते हुए टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया. कोलकाता में बुरी तरह हारने के बाद उन फैंस का दिल गुवाहाटी में भी टूटा, जो ऋषभ पंत एंड कंपनी से जीत की उम्मीद लगा बैठे थे. गुवाहाटी में भारत 408 रन से हारा, जो उसकी टेस्ट में सबसे बड़ी शिकस्त भी है. वो कौन से 5 बड़े कारण रहे, जिसके चलते भारत को गुवाहाटी में भी मात मिली. आइए जानते हैं.

बेदम बल्लेबाज ने ढाया सितम
गुवाहाटी में हार का सबसे बड़े कारण रहा भारत की बेदम बैटिंग. मैच देखते समय ऐसा लग ही नहीं रहा था कि टीम इंडिया के बल्लेबाज भी उसी पिच पर खेल रहे हैं, जिस पर साउथ अफ्रीका के बैटर. जहां साउथ अफ्रीका के पुछल्ले बल्लेबाज भी घंटों क्रीज पर बिता गए, वहां केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा से लदा टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. ये दोनों ही पारियों की कहानी रही. भारतीय बल्लेबाजों का रवैया बड़ा ही गैरजिम्मेदाराना रहा. कुछ ने तो शॉट सेलेक्शन से निराश किया. एक तरफ मेहमानों के लिए 7वें नंबर पर सेनुरन मुथुसामी (106) ने शतक और 9वें नंबर पर मार्को यानसेन (93) ने आकर जुझारू पारियां खेलीं. वहीं, भारत का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा. इस तरह टीम इंडिया की घटिया बल्लेबाजी ही उनपर सितम बनकर टूटी.

गेंदबाजी में नहीं दिखी धार
बल्लेबाजों की तरह गेंदबाजों ने भी भारत की इस हार में पूरा साथ दिया. पहले दो दिन तक अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की खूब नाम में दम किया. पहली पारी की गेंदबाजी देखकर ऐसा लगा कि गेंदबाजों को पिच से बिल्कुल मदद नहीं मिल रही, लेकिन ऐसा नहीं था. जब अफ्रीकी गेंदबाजों की बारी आई तो वह विकेट पर विकेट चटकाते चले गए. पहली पारी में मार्को यानसेन (6 विकेट) की बाउंसर्स ने भारतीय बल्लेबाजों से खिलवाड़ किया तो दूसरी पारी में साइमन हार्मर की फिरकी की तूती बोली और उन्होंने पंजा खोल दिया. भारत के पेसर्स ही नहीं, स्पिनर्स भी बेअसर दिखे. भले ही कुलदीप और जडेजा ने विकेट जरूर निकाले, लेकिन सही समय पर नहीं. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव की खराब गेंदबाजी भी इस मैच में उजागर हुई.

ऋषभ पंत की कप्तानी पर सवाल
ऋषभ पंत सिर्फ बल्ले से ही फ्लॉप नहीं रहे, बल्कि उनकी कप्तानी ने भी साउथ अफ्रीका को जीतने का मौका दे दिया. पंत की कप्तानी भी इस मुकाबले में सवालों के घेरे में रही. उन्हें शुभमन गिल के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. ऋषभ पंत के कई फैसलों ने चौंकाया. पहली पारी में उन्होंने नीतीश रेड्डी से सिर्फ 6 ओवर की गेंदबाजी कराई, जो समझ से परे रहा. पंत के इस फैसले पर तो पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने भी सवाल खड़े किए.

साउथ अफ्रीका को हल्के में लेना पड़ा भारी
इस हार ने यह साफ दर्शा दिया कि भारतीय टीम कहीं न कहीं साउथ अफ्रीका को हल्के में लेने की गलती कर बैठी. यह इससे भी झलका जब जसप्रीत बुमराह ने विपक्षी कप्तान तेम्बा बावुमा को पहले टेस्ट में ‘बौना’ कह दिया. बस यहीं से साउथ अफ्रीकी ने भारत की इस हार की गाथा लिख दी. एक ऐसी हार जो शायद ही कभी कोई क्रिकेट फैन भूल पाए. दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज ने बता दिया कि क्यों यह टीम टेस्ट फॉर्मेट की मौजूदा चैंपियन है. साउथ अफ्रीका ने 25 साल बाद भारत में आकर टेस्ट सीरीज जीती है.

गंभीर की कोचिंग पर सवाल
गंभीर के हेड कोच रहते भारत ने दूसरी बार घर में सीरीज बिना कोई मैच जीते गंवाई है. इसने गंभीर की कोचिंग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बात करें गुवाहाटी में हुए टेस्ट मैच को लेकर उनके रुख की तो कुछ ऐसा नजर नहीं आया, जिससे भारत जीत तो दूर यह मुकाबला बचा भी सके.



Source link