झाबुआ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में पिछले चार दिनों में तेजी आई है। इस अवधि में 18 दिनों के बराबर काम पूरा कर लिया गया है, जिससे डिजिटाइजेशन का कुल प्रतिशत 72.88 तक पहुंच गया है।
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यह गति बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के साथ सहायक नियुक्त करने और अन्य कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के कारण संभव हुई है। कलेक्टर नेहा मीना सहित सभी अधिकारी फील्ड में रहकर गांव-गांव में काम की निगरानी कर रहे हैं और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।
कलेक्टर गांवों का दौरा कर प्रगति का जायजा लिया
मंगलवार शाम जिले में जमा किए गए ईएफ (एन्युमरेशन फॉर्म) की ऑनलाइन एंट्री और उन्हें डिनिटलाइन करने का काम 72.88 प्रतिशत पूरा हो चुका था। चार दिन पहले, 21 नवंबर को यह आंकड़ा 36.44 प्रतिशत था, जो दर्शाता है कि इस अवधि में काम दोगुना हो गया है।
कलेक्टर नेहा मीना ने पेटलावद विधानसभा क्षेत्र के छापरी, भूराडाबरा, माछलिया और कालीदेवी गांवों का दौरा कर डिजिटाइजेशन की प्रगति का जायजा लिया। छापरी में 907 पंजीकृत मतदाताओं में से 84 प्रतिशत से अधिक फॉर्म का डिजिटाइजेशन हो चुका है, जबकि भूराढाबरा में 75 प्रतिशत, माछलिया में 58 प्रतिशत और कालीदेवी में 68 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
कलेक्टर ने इन स्थानों पर अतिरिक्त सहयोगी स्टाफ उपलब्ध कराने और टीम का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरे में अपर कलेक्टर सीएस सोलंकी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
तहसीलवार डिजिटाइजेशन की स्थिति में पेटलावद 76.13 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक प्रगति पर है, इसके बाद मेघनगर (75.24%), रामा (74.59%), थांदला (73.54%), राणापुर (70.49%) और झाबुआ (68.12%) हैं। जिले के कुल 981 केंद्रों पर 9,07,093 मतदाताओं में से 72.88 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण हो चुका है।