शहडोल के बनास नदी तट पर पहुंचे विदेशी मेहमान कॉर्मोरेंट: कारी-गोरी घाट पर चक्रवाक; सुबह से पक्षियों को देखने लगता है जमघट – Shahdol News

शहडोल के बनास नदी तट पर पहुंचे विदेशी मेहमान कॉर्मोरेंट:  कारी-गोरी घाट पर चक्रवाक; सुबह से पक्षियों को देखने लगता है जमघट – Shahdol News


शहडोल के ब्यौहारी विकासखंड में स्थित बनास नदी इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार है। हर साल की तरह इस बार भी उत्तरी गोलार्ध और मध्य एशिया से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर इन विदेशी मेहमानों का आगमन शुरू हो गया है। नदी के शांत तट अब इनके कल

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पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष जिन प्रजातियों की सबसे अधिक मौजूदगी दिखाई दे रही है, उनमें कॉर्मोरेंट और चक्रवाक (ब्राह्मणी बत्तख) प्रमुख हैं। चक्रवाक का उल्लेख भारतीय साहित्य और संस्कृति में लंबे समय से मिलता है। महाकवि कालिदास ने अपनी कृतियों में इसके प्रेम और वियोग का वर्णन किया है, वहीं आदि शंकराचार्य के नर्मदा अष्टक में भी इसका स्मरण मिलता है।

बनास नदी के अलग-अलग हिस्सों में दिख रहे कॉर्मोरेंट

बनास नदी के अलग-अलग हिस्सों में ये पक्षी देखे जा रहे हैं, लेकिन कारी-गोरी घाट और हथवार गांव के आसपास इनकी संख्या सबसे अधिक है। कैंप बनास के पर्यावरणविद् रामकेश पटेल ने बताया कि इन पक्षियों के आने से पूरा वातावरण मनमोहक हो गया है।

पर्यावरणविदों के अनुसार, इन पक्षियों का प्रवास अक्टूबर-नवंबर में शुरू होकर मार्च-अप्रैल तक चलता है। ये पक्षी मध्य एशिया की कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बनास नदी को अपना सुरक्षित अस्थायी घर बना लेते हैं।

स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि इन प्रवासी पक्षियों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाए। उन्होंने कहा कि इनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि हर साल ये विदेशी मेहमान लौटकर आते रहें।



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