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Gardening Tips: अगर आप भी अपने गार्डन में आलू उगाना चाहते हैं तो ये आलू की बोवनी के लिए परफेक्ट समय है. कम स्पेस और कम खर्च में आप आलू का इतना उत्पादन कर सकते हैं कि आपको महीनों बाजार से आलू नहीं खरीदने पड़ेंगे.किसान से जानें कैसे..
Potato Grow Tips: अगर आप घर में आलू उगाना चाहते हैं और जगह की कमी है तो टेंशन मत लीजिए. इसका भी रास्ता है. अब आप कम स्पेस में आलू उगा सकते हैं. आलू उगाने का ये सही मौसम है. क्योंकि, अभी ज्यादा ठंड नहीं है. धूप भी निकल रही है और मिट्टी में शीत भी है. ऐसे मौसम में आलू की बोवनी आसानी से हो जाती है. कम स्पेस, कम खर्च में खूब आलू उगा सकते हैं.
छतरपुर के किसान वैद्यनाथ बताते हैं कि मैं हर साल अपने घर की छोटी सी जगह में आलू उगता हूं और आलू भी खूब उगते हैं. अभी ठंड के सीजन में आलू की बुवाई आसानी से की जा सकती है. हर साल मैं अपने घर की 2 खटोला जगह में आलू की बुवाई करता हूं. इस छोटी सी जगह में 8 पसेरी से भी ज्यादा आलू उगता है.
अगर आपकी मिट्टी में पहले से इतना शीत है कि आलू अंकुरित हो जाएगा तो फिर आपको ऊपर से पानी डालने की आवश्यकता नहीं है. साथ ही आलू कम जगह में लगा रहे हैं तो जुताई-बुवाई का खर्च भी नहीं आता है. आपको अपने हाथों से ही आलू की बोवनी कर देनी हैं. फावड़ा या खुरपी की सहायता से कुछ खोदना है और उसमें बीज को रख देना है. ऊपर से मिट्टी चढ़ा देनी है.
कम स्पेस के साथ खर्च भी कम
वैद्यनाथ बताते हैं कि अगर आपके घर में 8 बाई 8 की जगह है तो आपके लिए आलू उगाना फायदेमंद है. आप अपने गार्डन की जमीन में या छत में मिट्टी डालकर भी आलू उगा सकते हैं. इसमें खर्च भी नाम मात्र आता है. आपको सिर्फ आलू के बीज को बाजार से खरीदना है जो सस्ते दामों में मिल जाते हैं. लगभग ₹100 में आपको इतने आलू बीज मिल जाएंगे कि आप इतनी जगह में आराम से बोवनी कर सकते हैं.
इस मिट्टी में उगाएं आलू
वैद्यनाथ बताते हैं कि आलू के लिए सबसे अच्छी मिट्टी वही मानी जाती है जो भुरभुरी होती है. आप काली मिट्टी पर भी आलू उगा सकते हैं और लाल मिट्टी में भी उगा सकते हैं. लेकिन, मिट्टी का भुरभुरा होना जरूरी है. मिट्टी ठोस नहीं होनी चाहिए. अगर ठोस होती है तो आलू जमीन के भीतर फैल नहीं पाता है, जिससे कि आलू का उत्पादन घट जाता है.
इतनी दूरी पर लगाएं आलू
वैद्यनाथ बताते हैं कि आलू के बीच की दूरी एक 1 फुट रखना है और क्यारियों के बीच की दूरी 1 हाथ रखनी है. दूरी कम न रखें क्योंकि कम दूरी से जमीन के अंदर आलू फैल नहीं पाएगा. साथ ही आलू खोदने में भी दिक्कत होती है. हम आलू को काटकर नहीं बल्कि छोटे-छोटे आलू की बोवनी करते हैं.
ये खाद डालें
वैद्यनाथ बताते हैं कि आलू का उत्पादन आप ज्यादा चाहते हैं तो आप इसमें गोबर की खाद डालें. गोबर की खाद का मतलब है कि आपको सूखा गोबर नहीं डालना है ऐसा गोबर डालना है जो सड़ा हुआ हो और गीला हो, तभी आलू का उत्पादन बढ़ेगा.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें