MP सियासत में हलचल! अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन, CM मोहन यादव ने दिया अल्टीमेटम

MP सियासत में हलचल! अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन, CM मोहन यादव ने दिया अल्टीमेटम


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Madhya Pradesh Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 दिसंबर से मंत्रियों से पिछले दो साल का व्यक्तिगत प्रेजेंटेशन देने को कहा है. यह कदम सिर्फ काम देखने के लिए नहीं, बल्कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार का आधार भी है. शीतकालीन सत्र के दौरान रिपोर्टिंग होगी, और अमित शाह के दौरे से पहले सरकार को पूरी तरह तैयार दिखाने की कवायद चल रही है.

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मोहन यादव ने मंत्रियों को दिया अल्टीमेटम! 1 दिसंबर से रिपोर्ट कार्ड देने होंगे”

भोपाल. मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर इन दिनों ज़ोरदार चर्चाएँ चल रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है. 1 दिसंबर से सभी मंत्री खुद सीएम के सामने अपने पिछले दो साल के काम का प्रेजेंटेशन देंगे. यह प्रेजेंटेशन मंत्री खुद देंगे, उनके विभाग के अफसर नहीं.

दरअसल, 13 दिसंबर को मोहन यादव सरकार को दो साल पूरे हो जाएँगे. इस मौके पर सीएम जानना चाहते हैं कि किस मंत्री ने कितना और कैसा काम किया. यह प्रेजेंटेशन एक हफ्ते तक चलेगा. विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी 1 से 5 दिसंबर तक है, इसलिए मंत्रियों का शेड्यूल सीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय होगा. सूत्रों के मुताबिक यह कवायद सिर्फ काम देखने के लिए नहीं है, बल्कि मंत्रिमंडल में बदलाव का आधार भी बनेगी. सीएम सचिवालय और भाजपा संगठन दोनों स्तरों पर हर मंत्री का परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है. 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर ही सीएम मोहन यादव ने संकेत दे दिया था कि मंत्रिमंडल में बदलाव होंगे.

अभी तक मोहन सरकार में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है. सिर्फ एक अपवाद रहा – कांग्रेस के छह बार के विधायक रामनिवास रावत अप्रैल 2024 में भाजपा में आए और जुलाई में मंत्री बने. लेकिन नवंबर में विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 31 मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, यानी अभी चार और मंत्रियों की जगह खाली है.

इन सबके बीच एक और बड़ी बात है – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को 18 दिसंबर के आसपास मध्य प्रदेश बुलाया गया है. 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का सामूहिक शिलान्यास कार्यक्रम होना है. सीएम चाहते हैं कि उससे पहले सरकार का कामकाज पूरी तरह दुरुस्त दिखे और कमजोर कड़ी को बाहर कर नई टीम तैयार हो.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिन मंत्रियों का काम संतोषजनक नहीं रहा, उन्हें हटाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए चेहरों को मौका मिलेगा. कुछ पुराने दिग्गजों की वापसी की भी बात चल रही है. कुल मिलाकर दिसंबर का महीना मोहन सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. पहले मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड, फिर अमित शाह का दौरा और उसके बाद संभावित मंत्रिमंडल विस्तार – मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज़ हो गई है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें

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अब अफसर नहीं, मंत्रियों को खुद देना होगा काम का प्रेजेंटेशन; CM मोहन यादव



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