ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर सभी दस्तावेजों को इकट्ठा किया।
सिंगरौली के चितरंगी थाना क्षेत्र स्थित दरबारी गांव में डाक विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। गुरुवार को गांव के तालाब किनारे लावारिस हालत में 36 आधार कार्ड, 14 पैन कार्ड और 16 एटीएम कार्ड मिले हैं। ये सभी दस्तावेज गांव के निवासियों के बताए जा रहे ह
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प्राथमिक स्कूल के बच्चों ने तालाब किनारे गिरा हुआ देखा
इन दस्तावेजों को गांव के प्राथमिक स्कूल के बच्चों ने तालाब किनारे गिरा हुआ देखा। उन्होंने इसकी सूचना गांव के उपसरपंच अरुण तिवारी को दी। उपसरपंच और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर सभी दस्तावेजों को इकट्ठा किया। उसे सुखाकर सुरक्षित रूप से स्कूल में रख दिया। इस घटना की जानकारी चितरंगी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है।
गांव में संचालित है डाकघर
उपसरपंच अरुण तिवारी ने बताया कि गांव में डाकघर संचालित है। उन्होंने आशंका जताई कि डाकघर के कर्मचारी ने इन दस्तावेजों को लोगों तक पहुंचाने के बजाय यहां फेंक दिया होगा। तिवारी ने इसे ग्रामीणों की पहचान संबंधी संवेदनशील दस्तावेजों के प्रति आपराधिक लापरवाही बताया। ग्रामीणों को अब अपने दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल होने की आशंका है।
ग्रामीणों के महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज इस तरह लावारिस हालत में मिलने से डाक विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग
इस मामले पर दैनिक भास्कर ने जिला मुख्यालय स्थित मुख्य डाकघर के हेमंत साहू से संपर्क किया। साहू ने इसे ‘अत्यंत गलत’ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पते पर संबंधित व्यक्ति नहीं मिलता है, तो दस्तावेजों को वापसी प्रक्रिया के तहत लौटाया जाता है।
हेमंत साहू ने आश्वासन दिया कि सोमवार को मुख्यालय लौटकर मामले की जांच करवाई जाएगी और यदि किसी डाक कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र भेजा जाएगा।
ग्रामीण प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने और उनके दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।