भारत की स्टार महिला बॉक्सर निकहत जरीन ने DSP की वर्दी में अपने ‘दबंग’ स्वैग से तहलका मचा दिया है. निकहत जरीन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने कुछ फोटोज शेयर किए हैं, जिसमें वह अपने नए लुक से सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोर रही हैं. बता दें कि निकहत जरीन दो बार की वर्ल्ड चैंपियन हैं, जिन्होंने साल 2022 और 2023 में गोल्ड मेडल जीते हैं. निकहत जरीन ने साल 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड और 2022 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता है.
DSP की वर्दी में दिखा निकहत का ‘दबंग’ स्वैग
DSP की कुर्सी तक पहुंचने के लिए निकहत जरीन को काफी संघर्ष करना पड़ा है. निकहत जरीन का जन्म 14 जून 1996 को आंध्र प्रदेश के निजामाबाद में हुआ था. निकहत जरीन के पिता का नाम मोहम्मद जमील अहमद और मां का नाम परवीन सुल्ताना है. निकहत जरीन ने निजामाबाद के निर्मला हृदय गर्ल्स हाई स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी. निकहत जरीन ने इसके बाद हैदराबाद के एवी कॉलेज से ह्यूमैनिटीज में स्नातक की पढ़ाई की थी.
13 साल की उम्र में बॉक्सिंग सीखना शुरू कर दिया
निकहत जरीन ने 13 साल की उम्र में बॉक्सिंग सीखना शुरू कर दिया था और इसमें उन्हें अपने पिता का भी सपोर्ट मिला. निकहत जरीन ने अपनी पढ़ाई के साथ बॉक्सिंग को भी जारी रखा, लेकिन उन्होंने चुनौतियों से हार नहीं मानी. निकहत जरीन के पिता मोहम्मद जमील अहमद उन्हें हमेशा समर्थन देते रहे. साल 2021 में निकहत जरीन को हैदराबाद के एसी गार्ड्स एरिया में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के जोनल कार्यालय में स्टाफ ऑफिसर नियुक्त किया गया था. निकहत जरीन को सितंबर 2024 में तेलंगाना पुलिस में DSP के रूप में नियुक्त किया गया.
निकहत जरीन के परिवार में कौन-कौन?
निकहत जरीन के परिवार में उनसे बड़ी दो बहनें और एक छोटी बहन है. निकहत जरीन के पिता जमील अहमद खुद पूर्व फुटबॉलर और क्रिकेटर रह चुके हैं. निकहत जरीन की कहानी प्रेरणादायक है, क्योंकि उन्होंने अपने परिवार और समाज की चुनौतियों का सामना करते हुए अपने सपनों को पूरा किया है. निकहत जरीन और मेरी कॉम के बीच विवाद 2019 में हुआ था. तब भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने मेरी कॉम को ओलंपिक क्वालीफायर के लिए बिना ट्रायल के सीधे चयन करने का फैसला किया था. निकहत जरीन ने इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई थी और ट्रायल की मांग की थी. आखिरकार, ट्रायल हुआ और मेरी कॉम ने निकहत जरीन को 9-1 से हराया था.