हरदा जिले को पूरी तरह सिंचित करने के उद्देश्य से शहीद इलापसिंह माइक्रो उद्वहन परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम ग्राम सोनतलाई से शुरू हो गया है। बुधवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके और पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने इसका शुभारंभ किया। 993.38
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परियोजना के तहत तवा के आउट कमांड क्षेत्र की 39,976 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। इसमें हरदा जिले के 118 गांव शामिल हैं।
हर ब्लॉक में सिंचाई क्षेत्र बढ़ा
हरदा के 4 गांवों में पहले 153 हेक्टेयर की जगह अब 1,759 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। हंडिया के 68 गांवों में यह क्षेत्र 16,824 हेक्टेयर से बढ़कर 20,782 हेक्टेयर होगा। खिरकिया के 27 गांवों में 6,236 हेक्टेयर के स्थान पर 10,106 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। टिमरनी के 19 गांवों में 3,677 हेक्टेयर से बढ़कर 7,329 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
परियोजना के संचालन के लिए करीब 22.80 मेगावॉट बिजली की जरूरत होगी। यह बिजली हंडिया बैराज और करणपुरा से उपलब्ध कराई जाएगी।
परियोजना का नाम शहीद इलापसिंह के नाम पर
पूर्व मंत्री कमल पटेल ने बताया कि यह परियोजना हरदा जिले के ग्राम साल्याखेड़ी के शहीद इलापसिंह के नाम पर रखी गई है। इलापसिंह ने देश की सेवा में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। कमल पटेल ने कहा कि यह माइक्रो उद्वहन परियोजना लगभग एक साल में पूरी हो जाएगी। उन्होंने हरदा को पूर्ण सिंचित बनाने के लक्ष्य के पूरा होने की बात कही।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से मोरंड गंजाल परियोजना और शहीद इलापसिंह परियोजना की घोषणा कराई गई थी।