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Balaghat BLO Death: बालाघाट में SIR ड्यूटी में तैनात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता नागेश्वर की हार्ट अटैक से मौत हो गई. वहीं, बेटी ने ओवरलोड काम कराने का आरोप प्रशासन पर लगाया है. प्रशासन ने दी ये सफाई. जानें पूरा मामला…
Balaghat News: SIR का काम कई राज्यों में जोरों पर है. टार्गेट पूरा करने के लिए बीएलओ को 12-15 घंटे काम करना पड़ रहा है. कई जगह बीएलओ भारी दबाव में हैं, जिससे कई दुखद खबरें भी सामने आ रही हैं. ऐसा ही एक मामला बालाघाट से आया है. दरअसल, लालबर्रा तहसील बोट्टा बांदरी गांव की रहने वाली अनीता नागेश्वर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं. उन्हें बीएलओ बनाकर SIR के काम में लगा दिया. लेकिन, 11 नवंबर के बाद से उनकी तबीयत खराब होने लगी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उनकी बेटी ने आरोप लगाया है कि उनकी मां पर काम का दबाव था, जिससे उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी. इसी वजह से उनकी मौत हो गई.
हार्ट अटैक से हुई मौत
बीएलओ का काम कर रही 50 साल की अनीता नागेश्वर की मौत हार्ट अटैक से हुई. उनकी बेटी आरती नागेश्वर का प्रशासन पर आरोप है कि “मम्मा ड्यूटी पर थी. वह अचानक बीमार पड़ गईं. प्राथमिक उपचार करवाया गया, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण गोंदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लगातार तबीयत बिगड़ने पर बेहतर इलाज के लिए गोंदिया से नागपुर के लिए रेफर कर दिया गया. इसी दौरान नागपुर जाते समय रास्ते में अटैक आया और मौत हो गई. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.”
काम का दबाव था…!
बेटी आरती ने बताया, मां पहले ठीक थी. लेकिन, जब से उन्हें SIR का काम सौंपा गया, तब से उन्हें ओवर लोड होने लगा. इसके चलती मम्मी बीमार पड़ गई. बेटी ने बताया, प्रशासन ने उनकी मां को बहुत ज्यादा काम सौंपा, जिसके चलते उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई. ऐसे में वह काफी परेशान रहने लगीं. मानसिक रूप से परेशान होने से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी और उनकी मौत हो गई.
प्रशासन बोला- बीमार थी इसलिए मौत
इस मामले में प्रशासन ने अपनी सफाई भी पेश की है. प्रशासन के मुताबिक, अनीता नागेश्वर को पीलिया और टाइफाइड होने के कारण इलाज के लिए 13 नवंबर को गोंदिया में भर्ती कराया गया था. जिस पर अनिता नागेश्वर का अवकाश स्वीकृत कर 15 नवंबर से बीएलओ का कार्य सहायक बीएलओ शिक्षक अमृतलाल पारधी को सौंपा गया है. बीएलओ के कार्य में सहायता के लिए 18 नवंबर से शिक्षक धनराज भलावी को भी लगाया गया है. वहीं, बीएलओ के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए टीम भी गठित की गई थी.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें