क्रिकेट इतिहास में ’27 नवंबर’ को ‘ब्लैक डे’ के तौर पर याद रखा जाता है. ठीक इसी दिन 27 नवंबर 2014 को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज की मौत हो गई थी. गर्दन पर गेंद लगने की वजह से फिल ह्यूज की जान चली गई थी. बता दें कि फिल ह्यूज जैसी घटना भारत के पूर्व कप्तान नारी कॉन्ट्रैक्टर के साथ भी घटी थी, लेकिन वह मौत के मुंह से बाल-बाल बच गए थे. 1962 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच किंगस्टन में एक टेस्ट मैच के दौरान कैरेबियाई तेज गेंदबाज चार्ली ग्रिफित की एक बाउंसर गेंद भारतीय कप्तान नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर पर जा लगी. नारी कॉन्ट्रैक्टर का क्रिकेट करियर भी इस चोट से समाप्त हो गया था. नारी कॉन्ट्रैक्टर 6 दिनों तक बेहोश रहे थे. नारी कॉन्ट्रैक्टर का काफी खून भी बह गया था, जिसके बाद भारतीय खिलाड़ियों के अलावा वेस्टइंडीज के कप्तान ने भी उन्हें अपना खून दिया था, जिससे उनका जीवन बच सके.
भारत के कप्तान के साथ हुआ दर्दनाक हादसा
दरअसल, 63 साल पहले 1962 में वेस्टइंडीज के दौरे पर बल्लेबाजी के दौरान भारतीय क्रिकेटर नॉरी कॉन्ट्रैक्टर के सिर पर कैरेबियाई गेंदबाज चार्ली ग्रिफिथ की एक बाउंसर गेंद सिर पर लग गई थी. चार्ली ग्रिफिथ की बाउंसर नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर पर इतनी तेजी से लगी थी कि उनका सिर फट गया और सकल में फ्रैक्चर हो गया. नारी कॉन्ट्रैक्टर 6 दिनों तक अस्पताल में बेहोश रहे थे. नारी कॉन्ट्रैक्टर की हालत नाजुक थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए उनके सिर में मेटल की प्लेट लगाई थी.
60 साल बाद हटा दी गई थी मेटल प्लेट
60 साल बाद मुंबई के एक अस्पताल में सर्जरी के जरिए उनकी मेटल प्लेट हटा दी गई थी. तब नारी कॉन्ट्रैक्टर के बेटे कहा था, ‘ऑपरेशन सफल रहा पिता जी जल्दी ठीक हो जाएंगे. वो अभी कुछ और दिन अस्पताल में रहेंगे. मेटल प्लेट के कारण वहां की स्किन हट रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने प्लेट को हटाने की सलाह दी थी. हमारा परिवार थोड़ा टेंशन में था. ये एक बड़ा ऑपरेशन नहीं था, लेकिन एक अहम ऑपरेशन था.’
इस चोट से खत्म हो गया था क्रिकेट करियर
बता दें कि इस चोट के कारण नारी कॉन्ट्रैक्टर का करियर लंबा नहीं चल सका था. नारी कॉन्ट्रैक्टर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैचों में 31.59 की औसत से 1611 रन बनाए थे. साल 1962 में सिर फट जाने के बाद नारी कॉन्ट्रैक्टर 6 दिनों तक बेहोश रहे थे. सर्जरी के दौरान तब नारी कॉन्ट्रैक्टर की जिंदगी बचाने के लिए कम से कम 5 लोगों ने रक्तदान किया था. उन लोगों में वेस्टइंडीज के महान कप्तान फ्रैंक वॉरेल, चंदू बोर्डे, बापू नादकर्णी, पॉली उमरीगर और पत्रकार केएन प्रभु शामिल थे.
नारी कॉन्ट्रैक्टर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले
उस चोट के बाद नारी कॉन्ट्रैक्टर के कई ऑपरेशन हुए. बाद में तमिलनाडु के एक अस्पताल में ढाई घंटे के ऑपरेशन के बाद उनके सिर में मेटल प्लेट लगाई गई थी. नारी कॉन्ट्रैक्टर ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेले हैं. नारी कॉन्ट्रैक्टर ने 138 प्रथम श्रेणी मैच भी खेले हैं. उस चोट के बाद नारी कॉन्ट्रैक्टर का अंतरराष्ट्रीय करियर थम गया था. नारी कॉन्ट्रैक्टर की एक और शानदार पारी 1959 में इंग्लैंड के खिलाफ भी देखने को मिली थी. तब उन्होंने टूटी पसलियों के बावजूद लॉर्ड्स में 81 रनों की पारी खेली थी.