अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह ने मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) में लापरवाही पाए जाने पर बीएलओ सुपरवाइजर और शासकीय नेहरू डिग्री कॉलेज के सहायक प्राध्यापक विजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। समीक्षा में उनके पर्यवेक्षण वाले मतदान केंद्रों पर
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जिला निर्वाचन कार्यालय के आदेश के अनुसार, विजय सिंह को विधानसभा अशोकनगर क्षेत्र में बीएलओ सुपरवाइज़र की जिम्मेदारी दी गई थी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 4 नवंबर से SIR का डिजिटाइजेशन कार्य बीएलओ स्तर पर चल रहा है, जिसका पर्यवेक्षण उन्हें करना था।
कई मतदान केंद्रों पर कार्य की गति बहुत धीमी
25 नवंबर की समीक्षा में पाया गया कि उनके क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर कार्य की प्रगति अपेक्षाकृत कम है। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मतदान केंद्र क्रमांक 96 पर केवल 62 प्रतिशत, केंद्र क्रमांक 95 पर 74 प्रतिशत, केंद्र क्रमांक 97 पर 76 प्रतिशत और केंद्र क्रमांक 139 पर 76.09 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य ही पूरा हो सका था। यह प्रगति अन्य सुपरवाइज़रों की तुलना में काफी कम पाई गई।
कारण-बताओ नोटिस का जवाब नहीं मिला
जिला निर्वाचन अधिकारी ने 26 नवंबर को कारण-बताओ सूचना पत्र जारी कर विजय सिंह से स्पष्टीकरण मांगा था। तय समय में कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
नियमों के तहत तत्काल निलंबन का आदेश
मामले को गंभीर मानते हुए विजय सिंह को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय माधव महाविद्यालय, ईसागढ़ तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।