नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में लोग अपने घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए निजी तारों का उपयोग कर दूर-दूर तक खुद ही लाइन खींच रहे हैं। इसके लिए वे बिजली विभाग की डीपी से सीधे हुकिंग कर लेते हैं। स्थिति यह है कि कई डीपी पर तारों का मकड़ी जैसा जाल लटका ह
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इन लटकते और खुले बिजली तारों की वजह से बच्चों, राहगीरों और आवारा पशुओं के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कई बार ऐसे खुले तारों में करंट आने से गाय और अन्य जानवरों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई या रोक-थाम के उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
खुले में हो रही हुकिंग
नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश इलाके ऐसे है जहां आज भी बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया , कनेक्शन है तो प्रोपर बिजली लाइन उस कनेक्शन तक नहीं पहुंची है । नतीजा यह कि लोग खुद ही पास की डीपी से अपने निजी बिजली तार खरीद कर डीपी से हुकिंग कर घर तक बिजली लाइन ले गए है जिससे ये बिजली तार खुले पड़े रहते है । लाइन काफी नीचे रहती है । इन बिजली तारो से कई बार हादसे हुए है । स्कूल जाते बच्चे यह अन्य पुरुषों को करंट लग है घायल भी हुए है । कई बार गायों की करंट लगने से मौत हुई है । उसके बाद गौ सेवकों ने हंगामा भी किया है । लेकिन बिजली विभाग इन पर कोई कार्यवाही नहीं करता । ना ही इन इलाकों में प्रोपर बिजली लाइन बिछाने की कोशिश की ।
इन इलाकों में सबसे अधिक होती है हुकिंग
नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में आज भी लोगों को सही तरीके से बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है। कहीं कनेक्शन है, तो वहां तक ठीक बिजली लाइन नहीं पहुंची है। इसी कारण लोग पास की डीपी से निजी तार खरीदकर हुकिंग करके अपने घर तक बिजली ले जा रहे हैं। इन तारों को बिना सुरक्षा के ऐसे ही लटका दिया जाता है, जिससे वे नीचे झूलते रहते हैं।
इन खुले और नीचे लटकते बिजली तारों से कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को करंट लगने से चोटें आई हैं। कई बार गायों की भी करंट लगने से मौत हो चुकी है, जिसके बाद गौ-सेवकों ने हंगामा भी किया, लेकिन समस्या का हल अभी तक नहीं निकल पाया।
इन तीन स्थानों के निवासियों से समझे
1 टंच रोड पर रहने वाले और सीमेंट व्यवसायी ललित प्रजापति ने बताया कि उनका इलाका शहर का पुराना क्षेत्र है, लेकिन आज तक बिजली विभाग ने यहां सही तरीके से बिजली लाइन नहीं बिछाई। पूरे इलाके में सिर्फ एक डीपी है। लोग उसी पर हुकिंग कर निजी तारों से अपने घर तक बिजली ले जाते हैं, जिससे तार खुले और नीचे लटके रहते हैं। आए दिन हादसे होते हैं और गायें करंट का शिकार हो जाती हैं।
मकड़ी नुमा जाल बिजली हुकिंग से
2. राठौर कॉलोनी में भी अव्यवस्थित लाइन
राठौर कॉलोनी के निवासी आकाश राठौर का कहना है कि कॉलोनी में बिजली कनेक्शन तो है, लेकिन विभाग ने लाइन सही तरीके से नहीं डाली। इसी कारण लोग कटिया डालकर अपने घरों तक बिजली पहुंचा रहे हैं। तार खुले पड़े होने से रोज हादसे होते हैं। कई बार शिकायत करने पर भी बिजली विभाग सिर्फ आश्वासन देता है।
3. परशुराम कॉलोनी
परशुराम कॉलोनी के आशाराम ने बताया कि कॉलोनी बसे कई साल हो गए हैं। लोग समय पर बिल भी भरते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर कॉलोनी में तारों का जाल फैला हुआ है। लोगों को मजबूरी में अपने निजी तार डालकर दूर से बिजली लानी पड़ती है। इन तारों से हादसे का डर बना रहता है, लेकिन बिजली विभाग कोई सुनवाई नहीं करता।
हुकिंग रोकने तीन टीम बनाई गईं
बिजली विभाग के एसई सुरेश कुमार ने बताया कि जिले में हुकिंग की समस्या ज्यादा है। इसे रोकने के लिए विभाग ने A, B और C—तीन टीमों का गठन किया है, जो लगातार कार्रवाई कर रही हैं और कुछ हद तक सफलता भी मिली है।
उन्होंने कहा कि दूर स्थित घरों के लिए शतप्रतिशत डिपॉजिट योजना के तहत कंपनी पोल लगाकर कनेक्शन देती है। किसी को दूरी पर कनेक्शन चाहिए तो उसी नियम के अनुसार मिलेगा। विभाग कार्यालय में आकर जानकारी ली जा सकती है, जिसके बाद टीम मौके पर जाकर स्थिति देखेगी और समाधान करेगी।