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Sidhi News: स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. परोहा बताते हैं कि चावल की रोटी शरीर में ऊष्मा बढ़ाती है. ठंड से लड़ने में मदद करती है. ग्रामीण इसे देसी घी और दाल के साथ खाना पसंद करते हैं. यह ठंड में ऊर्जा देने देने वाली रोटी है.
मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है. किसान खलिहानों में धान की फसल से चावल निकालने में लगे है. नई फसल घर आने के बाद चौरी रोटी यानी चावल की रोटी इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में खूब पसंद की जा रही है.चौरी रोटी सिर्फ स्वाद ही नहीं, हल्की और पचने में आसान भी होती है. इसे हाथ से पोकर चूल्हे की आग में सेका जाता है. देसी घी के साथ खाने में स्वादिष्ट रहती है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. परोहा बताते हैं कि चावल की रोटी शरीर में ऊष्मा बढ़ाती है. ठंड से लड़ने में मदद करती है. ग्रामीण इसे देसी घी और दाल के साथ खाना पसंद करते हैं. यह ठंड में ऊर्जा देने देने वाली रोटी है. लेकिन जनवरी के बाद इसका अधिक सेवन पेट संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.डॉ. परोहा केमुताबिक चावल की रोटी कापनाशक होती है. ठंड में यह शरीर को गर्म रखती है. इसका स्वाद साधारण गेहूं की रोटी से कहीं ज्यादा बेहतर होता है। चावल से दाल बाटी भी बहुत बनाया जाता है.
चावल की रोटी बनाने की विधि
एक बर्तन में सबसे पहले पानी को उबाल लें, इसमें नमक, तेल और चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिक्स कर ले,आंच से उतार लें, ढककर 10 मिनट तक रहने दें, फिर 5 मिनट तक अच्छे से गूंथ लें. अब जिस तरह से आप आटे की रोटी हाथ से पोकर चूल्हे में सेकते हैं, उसी तरह से इसकी रोटियां भी हाथ से पोकर चूल्हे में सेक लें.