विश्व पर्यटन स्थल सांची में 73वें दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव का आगाज कल (शनिवार) से होगा। आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सांची नगर और स्तूप के चैत्यगिरी विहार मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। शुक्रवार दोपहर को रायसेन के प्रभारी कलेक
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महोत्सव के पहले दिन सुबह 8 बजे महाबोधि सोसाइटी से शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा चैत्यगिरी विहार मंदिर पहुंचेगी। यात्रा में वियतनाम, श्रीलंका, जापान, सिंगापुर और अमेरिका से आए बौद्ध धर्म के अनुयायी शामिल होंगे।
चैत्यगिरी विहार मंदिर में सुबह 9 बजे तलघर में से भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्य सारीपुत्र और महामोदग्लायन की पवित्र अस्थियां निकाली जाएंगी। जिला प्रशासन के अधिकारी और महाबोधि सोसाइटी के पदाधिकारी इस दौरान मौजूद रहेंगे। अस्थियों की विशेष पूजा-अर्चना के बाद उन्हें लोगों के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस पूजा-अर्चना में देश-विदेश के बौद्ध धर्म के श्रद्धालु भाग लेंगे।
लोकनृत्य और गायन की प्रस्तुति देंगे कलाकार संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा कलाओं में बौद्ध विचार पर केंद्रित यह दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव बुद्ध जम्बूद्वीप पार्क में आयोजित किया जाएगा। जिला प्रशासन रायसेन और महाबोधि सोसायटी ऑफ श्रीलंका के सहयोग से आयोजित इस समारोह में प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से प्रस्तुतियां होंगी।
संचालक संस्कृति एनपी. नामदेव ने बताया कि समारोह में श्रीलंका के कलाकार लोकनृत्य और गायन की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, नृत्य नाटिका के माध्यम से कलाकार भगवान बुद्ध की जीवन कथा और उनके आदर्शों को मंच पर जीवंत करते नजर आएंगे।
नामदेव ने जानकारी दी कि समारोह का शुभारंभ पहले दिन शाम 6.30 बजे होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग के राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार करेंगे, जबकि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
पहले दिन श्रीलंका का दल देगा प्रस्तुति समारोह के पहले दिन श्रीलंका की ललिता गोमरा एवं दल द्वारा श्रीलंका के लोकनृत्य एवं गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद भोपाल के पंचशील सांस्कृतिक मंच द्वारा नृत्य एवं गायन की प्रस्तुतियां होंगी। शाम की ठंडी बयार में भोपाल की संघरत्ना बनकर एवं साथी भगवान बुद्ध की जीवन कथा पर केंद्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देकर भगवान बुद्ध के जीवन आदर्शों को जन-जन तक संप्रेषित करते नजर आएंगे।
भोपाल का द साया बैंड के कलाकार भक्ति संगीत से श्रोताओं को आह्लादित करते नजर आएंगे। समारोह के अंतिम दिन 30 नवंबर को श्रीलंका की ललिता गोमरा एवं साथी कलाकार लोकनृत्य एवं गायन के माध्यम से श्रीलंका की संस्कृति को मंच पर आविर्भूत करेंगे।
समारोह की अंतिम सभा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की होगी, जहां सूर्यकुमार पाण्डेय (लखनऊ), स्वयं श्रीवास्तव(उन्नाव), सुमित मिश्रा(ओरछा), अभिसार शुक्ला(दिल्ली), हिमांशी बाबरा(मेरठ), मनु वैशाली(दिल्ली), दीपक शुक्ला (भोपाल) एवं चेतन चर्तित (इंदौर) कविता पाठ करेंगे।
300 पुलिसकर्मी तैनात, CCTV से चप्पे-चप्पे पर नजर महाबोधि महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी की है। सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो रेलवे स्टेशन से लेकर मेला स्थल पर सभी जगह चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। इसके लिए 300 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए जा रहे हैं। इसके अलावा पूरे मेला स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। भोपाल और विदिशा रोड पर अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
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