एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर छिपाने की थी प्रेमिका की हत्या: 2 साल बाद उठा था पर्दा; एमवाय अस्पताल से फरार कैदी विशाल प्रजापति था मास्टरमाइंड – Indore News

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर छिपाने की थी प्रेमिका की हत्या:  2 साल बाद उठा था पर्दा; एमवाय अस्पताल से फरार कैदी विशाल प्रजापति था मास्टरमाइंड – Indore News


इंदौर के एमवाय अस्पताल से फरार कैदी विशाल प्रजापति ने अपने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को छिपाने के लिए दोस्त के साथ मिलकर अर्चना डाबर की हत्या की थी। हत्या के बाद शव को सूखे चेंबर में फेंककर ऊपर से नमक डाल दिया गया था। अर्चना के लापता होने पर परिवार ने ह

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करीब दो साल बाद, कुलकर्णी भट्‌टा पुल के चौड़ीकरण के दौरान निगम कर्मचारियों को खुदाई में कंकाल मिला। जांच आगे बढ़ी तो अर्चना हत्याकांड का पूरा राज खुल गया।

कैसे खुली हत्या की परतें

अर्चना डाबर, श्याम नगर निवासी, की हत्या 6 मई 2020 को की गई थी। पुलिस ने मामले में विशाल प्रजापति (कुलकर्णी भट्‌टा), सत्यनारायण सोलंकी और शिवनंदन राठौर (काशीपुरी) को गिरफ्तार किया। विशाल अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा था और कई बार जेल जा चुका था।

आरोपी विशाल।

महिला थाने की चलाता था गाड़ी

साल 2016–17 में विशाल महिला थाने की गाड़ी चलाता था। वह पुलिस का मुखबिर भी रह चुका था। बाद में वह स्कीम 78 के विक्की के लिए अवैध शराब बेचने लगा और बाणगंगा क्षेत्र में सक्रिय हो गया।

अफेयर और घरेलू विवाद बना हत्या की वजह

विशाल के अवैध शराब के धंधे में संदीप डाबर उसका पार्टनर था और अर्चना उसकी चचेरी बहन। इसी दौरान विशाल और अर्चना के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस बात को लेकर विशाल की पत्नी से अक्सर विवाद होता था। हत्या से एक दिन पहले भी दोनों में झगड़ा हुआ। इसी के बाद विशाल ने अर्चना को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 6 मई को उसने अर्चना को घर बुलाया और दोस्तों की मदद से गला घोंटकर हत्या कर दी।

शव मिला तो खुला पूरा मामला

22 जनवरी 2021 को निगम कर्मचारियों ने पुल निर्माण की खुदाई में मानव कंकाल मिलने की सूचना दी। क्राइम ब्रांच ने आसपास के थानों की गुमशुदगी फाइलें खंगालीं, जिसमें अर्चना की रिपोर्ट मिली। मोबाइल लोकेशन और आखिरी कॉल डिटेल्स से विशाल और उसके दोस्तों पर शक गहराया। पूछताछ में दोनों साथियों ने अपराध कबूल करते हुए बताया कि विशाल ने हत्या की और शव चेंबर में छिपाया।

गिरफ्तारी के बाद से विशाल सेंट्रल जेल में बंद था। बीमार होने पर उसे उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां से वह भाग निकला।



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