नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र की एक मजदूर महिला ने थाने के एक सब‑इंस्पेक्टर जाकिर मंसूरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि 25 नवंबर को उन्हें जबरन थाने लाया गया, बेरहमी से पीटा गया और उनके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। वही एसआई मंसूरी
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मजबूर कर थाने ले जाने और धमकी देने का आरोप
संपत बाई मीणा ने शनिवार शाम अपनी बेटी के साथ एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले उनका बेटा राजू एक लड़की के साथ चले जाने के कारण पुलिस उन्हें लगातार बेटे का पता बताने के लिए दबाव डाल रही थी।
25 नवंबर को जब उन्होंने बेटे का ठिकाना नहीं बताया, तब एसआई मंसूरी उनके घर आए। हस्ताक्षर कराने के बहाने उन्हें जबरन जीप में खींचकर थाने ले जाया गया, जहां पहले महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और बाद में खुद एसआई मंसूरी ने थप्पड़ मारा।
उनका कहना है कि लड़कियों को थाने जाने से रोक दिया गया और रात करीब 9 बजे तक उन्हें थाने में रोके रखा गया। रिहाई के वक्त भी उन्हें गालियां दी गईं और धमकी दी गई कि अगर बेटे राजू को लेकर नहीं आएगी तो पूरे परिवार को जेल में बंद कर दिया जाएगा।
परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी
संपत बाई का कहना है कि 28 नवंबर को फिर से एसआई मंसूरी उनके घर आए और उनकी बीमार बेटी का हवाला देने पर गाली-गलौज व धमकी दी। उन्होंने महिला को पांच दिन में बेटे को थाने लाने के लिए कहा, नहीं तो परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
एसआई ने आरोपों को खारिज किया
दूसरी ओर, एसआई मंसूरी ने इन सभी आरोपों को “झूठा और मनगढ़ंत” बताया है। उनका कहना है कि महिला जानती है कि उसका बेटा कहां है, इसलिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कह दिया कि उन्होंने बस सामान्य बातचीत की थी, न कि धमकी या मारपीट की।
सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने एसपी कार्यालय में शिकायत कर दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अभी शिकायत दर्ज की है और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।