उमंग सिंघार बोले- 50 लाख नाम हटाने की तैयारी: धार कलेक्टर ने कहा- SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी; आरोपों को निराधार बताया – Dhar News

उमंग सिंघार बोले- 50 लाख नाम हटाने की तैयारी:  धार कलेक्टर ने कहा- SIR की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी; आरोपों को निराधार बताया – Dhar News



मध्य प्रदेश में आदिवासी वोटर्स को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि धार समेत कई आदिवासी बहुल जिलों में वोटर्स के नाम हटाने की साजिश चल रही है।

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सिंघार के अनुसार, मजदूरी के लिए बाहर गए आदिवासी परिवारों को ‘शिफ्टेड वोटर’ बताकर जबरन SIR (Self-Initiated Removal) फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि इन्हीं फॉर्म्स के आधार पर हजारों वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी थी।

आरोप- 50 लाख वोटर्स के नाम हटाने की तैयारी नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने अधिकारियों को मौखिक रूप से SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया रोकने का निर्देश दिया था, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में आदिवासी वोटर्स प्रभावित हो सकते थे। सिंघार ने कलेक्टर पर निशाना साधते हुए कहा कि मजदूरी के लिए बाहर गए लोगों को ‘शिफ्टेड’ बताना गलत है और वे केवल फॉर्म भरने के लिए तीन हजार रुपए खर्च करके गांव वापस नहीं आ सकते।

सिंघार ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में लगभग 50 लाख वोटर्स के नाम हटाने की तैयारी है, जिसका सबसे अधिक असर आदिवासी क्षेत्रों पर पड़ेगा। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

धार कलेक्टर बोले- पूरी प्रक्रिया पारदर्शी उमंग सिंघार के आरोपों के बाद धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “गंधवानी विधायक उमंग सिंघार द्वारा मेरे ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”

कलेक्टर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और इसमें कहीं भी कोई रोक या अनियमितता नहीं है। उन्होंने बताया कि जो लोग काम के सिलसिले में जिले से बाहर हैं, उनके परिवारजनों को गणना प्रपत्र देकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहमति से हस्ताक्षरित फॉर्म लिए जा रहे हैं। प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर ही काम कर रहा है।



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