एक्शन कब, वीआईटी यूनिवर्सिटी की खामियां सामने आने लगी: 18 नमूनों में से 4 में बैक्टीरिया मिलने के बाद कार्रवाई की संभावना बढ़ी – Sehore News

एक्शन कब, वीआईटी यूनिवर्सिटी की खामियां सामने आने लगी:  18 नमूनों में से 4 में बैक्टीरिया मिलने के बाद कार्रवाई की संभावना बढ़ी – Sehore News



सीहोर जिले की वीआईटी यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा लगाए गए दूषित पानी और खराब खाने के आरोप सही पाए गए हैं। पीएचई विभाग की शुरुआती जांच में यूनिवर्सिटी के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया पाया गया, जिससे छात्रों के आरोप सही साबित हुए और अब यूनिवर्सिटी प

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कुछ दिनों पहले छात्रों ने दूषित पानी और खराब खाने की शिकायतें की थीं। इसके बाद एक छात्र के साथ हॉस्टल वार्डन और गार्डों ने मारपीट की, जिससे परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी हुईं। इस घटना के बाद पीएचई विभाग ने यूनिवर्सिटी के पानी के नमूने लिए।

विभाग ने वाटर टेस्टिंग की रिपोर्ट पेश की पीएचई विभाग की वाटर टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट में बताया गया कि यूनिवर्सिटी के ट्यूबवेल, ग्राउंड लेवल टैंक और आरओ सिस्टम से कुल 18 पानी के नमूने लिए गए। इनमें से 4 नमूनों में ई-कोली बैक्टीरिया पाया गया, जबकि 14 नमूने सामान्य पाए गए। विभाग के ईई प्रदीप सक्सेना ने स्पष्ट किया कि पानी में बैक्टीरिया नहीं होना चाहिए क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

खाने के सैंपल भोपाल भेजे गौरतलब है कि छात्र कई महीनों से दूषित पानी के कारण पीलिया रोग जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे थे, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने यूनिवर्सिटी के 5 हॉस्टल मेस और फूड जोन से 25 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। इन नमूनों में दाल, चावल, तेल, आटा, मैदा आदि शामिल हैं, जिन्हें भोपाल लैब भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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VIT सीहोर विवाद पर जांच समिति की रिपोर्ट:पुलिस को विवाद की पहले से जानकारी थी

सीहोर जिले के वीआईटी विश्वविद्यालय में हुई तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के मामले में मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रताड़ना और खौफ का भय विद्यार्थियों के मन में नहीं रहना चाहिए। आयोग इस तरह की व्यवस्था रखने के लिए विश्वविद्यालयों को बाध्य करे कि ऐसे मामलों में विद्यार्थियों की समस्या का प्रभावी निराकरण होगा।​​​​​​​ पूरी खबर पढ़ें…



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