विंटर स्पेशल: ठंड में होते हैं परेशान, डॉक्टर से जानें क्या करें, क्या नहीं

विंटर स्पेशल: ठंड में होते हैं परेशान, डॉक्टर से जानें क्या करें, क्या नहीं


सर्दियां आते ही घरों में एक नई दिनचर्या शुरू हो जाती है. गरम कपड़े, गरम खाना और बच्चों की सेहत को लेकर ज्यादा सावधानी. यह मौसम जितना खूबसूरत होता है, उतनी ही परेशानियां भी साथ लाता है, खासकर छोटे बच्चों के लिए. माता-पिता का सबसे बड़ा डर यही रहता है कि ठंड में कहीं बच्चा बीमार न पड़ जाए.

ठंडी हवा, लगातार बदलता तापमान और बच्चों की कमजोर इम्यूनिटी मिलकर इस मौसम को और चुनौतीपूर्ण बना देते हैं. यही वजह है कि खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द और सांस की दिक्कतें बच्चों को तुरंत पकड़ लेती हैं. इस बीच एक गलती है जो कई माता-पिता रोज कर देते हैं. सुबह-सुबह बच्चों को नहलाना. डॉक्टरों के मुताबिक यह आदत सर्दियों में बच्चे की तबीयत खराब होने की बड़ी वजह बन जाती है.

सुबह नहलाने से बच्चों को क्यों होता है ज्यादा नुकसान?
बच्चों को ठंड की सुबह नहलाना उनके शरीर पर सीधा असर डालता है. डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार सुबह के समय तापमान सबसे कम होता है और ऐसे समय में नहलाने से बच्चे का शरीर ठंड के झटके को तुरंत महसूस करता है. इससे इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है और बच्चा बीमारियों की चपेट में तेजी से आ जाता है.

सुबह न नहलाने के पीछे मेडिकल कारण 
सुबह तापमान सबसे कम होता है :  हवा ज्यादा ठंडी होती है और नहलाने से शरीर का तापमान अचानक नीचे गिर जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
इम्यूनिटी तुरंत कमजोर होती है :  ठंड का तेज झटका बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है. वायरस और बैक्टीरिया इस समय उन्हें तेजी से प्रभावित करते हैं.
सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं :  जिन बच्चों को एलर्जी या सांस की परेशानी रहती है, उनके लिए यह आदत और भी जोखिमभरी हो जाती है.

बच्चों को कब नहलाना सही समय होता है?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि बच्चों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच नहलाना सबसे सुरक्षित होता है. इस समय वातावरण गर्म रहता है और शरीर ठंड को आसानी से संभाल सकता है. नहलाते समय पानी हल्का गुनगुना होना चाहिए, बहुत गर्म नहीं.

नहलाने की जगह ये विकल्प अपनाएं 

  • हल्के गीले कपड़े से स्पॉन्ज बाथ दें.
  • रोज सिर न धोएं.
  • हाथ, पैर, गर्दन और बगल अच्छी तरह साफ करें.
  • नहलाने से पहले सरसों या नारियल का हल्का तेल लगाएं.
  • नहलाने के बाद तुरंत गरम कपड़े पहनाएंं.

छोटी आदतें, बड़ा असर
सर्दियां लंबी नहीं होतीं, लेकिन यह मौसम बच्चों के लिए संवेदनशील होता है. डॉक्टर मानते हैं कि छोटे-छोटे बदलाव बच्चों को बीमारियों से दूर रख सकते हैं. सुबह का ठंडा मौसम, नमी और हवा बच्चों के लिए भारी पड़ सकती है, इसलिए दिन में गर्माहट के समय पर ही नहलाना सही है. याद रखें कि बच्चे का शरीर ठंड में जल्द प्रभावित होता है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.

जरूरी सावधानी क्यों जरूरी?
खाली पेट बाहर न ले जाएं शरीर का तापमान तेजी से गिरता है
जैकेट और स्वेटर तुरंत पहनाएं सुबह की हवा सबसे ज्यादा ठंडी होती है
मोजे जरूर पहनाएं पैरों से ठंड लगने का खतरा ज्यादा
गुनगुना पानी पिलाएं शरीर अंदर से गर्म रहता है
सीधी हवा बच्चे पर न पड़े सर्दी-जुकाम की शुरुआत यहीं से होती है



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