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Ujjain Simhastha Kumbh 2028: उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ तैयारियों के बीच स्थानीय अखाड़ा परिषद के तीन पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर परिषद भंग घोषित का दवा किया है. दायित्व अखिल भारतीय परिषद को सौंपा है. वहीं, अध्यक्ष ने दावों को खारिज किया है. जानें पूरा माजरा…
Ujjain News: सिंहस्थ कुम्भ मेला 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन की धार्मिक दुनिया में भूचाल आ गया है. रविवार को स्थानीय अखाड़ा परिषद के तीन प्रमुख पदाधिकारियों ने अचानक इस्तीफा देकर परिषद को भंग घोषित कर दिया, लेकिन परिषद अध्यक्ष ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए मामले के और उलझा दिया. यह घटना शिप्रा नदी के तट पर स्थित दत्त अखाड़े में आयोजित आपात बैठक के दौरान घटी, जहां सिंहस्थ की व्यवस्थाओं पर चर्चा हो रही थी.
दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई इस बैठक की अध्यक्षता महंत आनंदपुरी महाराज ने की. बैठक में मौजूद महंत रामेश्वर गिरी महाराज (महामंत्री), महंत आनंद पुरी महाराज (उपाध्यक्ष) और महंत श्याम गिरि महाराज (प्रवक्ता) ने एक साथ अपने पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया. इस्तीफे के साथ ही उन्होंने दावा किया कि स्थानीय अखाड़ा परिषद अब भंग हो चुकी है और सिंहस्थ कुम्भ का पूरा दायित्व अब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (अखिल परिषद) के हाथों में आ गया है.
स्थानीय परिषद की अब कोई भूमिका नहीं…
महंत रामेश्वर गिरि ने दावा किया कि “सिंहस्थ का समस्त कार्य अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ही संभालती है. स्थानीय परिषद की अब कोई भूमिका नहीं बचती. हमने फैसला लिया है कि आगे से सब कुछ केंद्रीय स्तर पर होगा, ताकि तैयारियां सुचारू रूप से चलें.” उनके अनुसार, यह कदम सिंहस्थ की भव्यता और संगठन की मजबूती के लिए जरूरी था, क्योंकि स्थानीय स्तर पर समन्वय की कमी से कई चुनौतियां उभर रही थीं.
अध्यक्ष ने दावा नकारा
वहीं, स्थानीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास ने सभी दावों को निराधार बताया. उन्होंने कहा, “हमारी संस्था पूर्णतः रजिस्टर्ड है और कोई भी पदाधिकारी का औपचारिक इस्तीफा हमें प्राप्त नहीं हुआ है. अगर त्यागपत्र देना था तो वह परिषद को लिखित रूप में सौंपा जाना चाहिए था. यह एकतरफा घोषणा है, जो नियमों के विरुद्ध है. हम कल सुबह एक आपात बैठक बुलाकर इनसे बात करेंगे और सच्चाई सामने लाएंगे.”
इसलिए उठा विवाद
सूत्रों के अनुसार, यह विवाद सिंहस्थ की सुरक्षा, तंबू व्यवस्था और साधु-संतों के आवासन जैसे मुद्दों पर असहमति से उपजा है. सिंहस्थ कुम्भ, 2028 की तैयारियां के बीच अखाड़ों का ये विवाद तैयारियों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मामले से हड़कंप की स्थिति है. परिषद के अन्य सदस्यों ने चुप्पी साध रखी है. कल की बैठक के नतीजे ही तय करेंगे.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें