कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ आकलन 2026 की तैयारी: पहला चरण 2 दिसंबर से शुरू; 15 राज्यों के 44 स्वयंसेवक प्रशिक्षित – Mandla News

कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघ आकलन 2026 की तैयारी:  पहला चरण 2 दिसंबर से शुरू; 15 राज्यों के 44 स्वयंसेवक प्रशिक्षित – Mandla News


मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी कड़ी में रविवार को खटिया इको सेंटर में 15 राज्यों से आए 44 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया।

.

बाघों के आकलन के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व को कान्हा लैंडस्केप के वनमंडलों का नोडल केंद्र बनाया गया है। इस लैंडस्केप में पूर्व और पश्चिम मंडला, उत्तर व दक्षिण बालाघाट, डिंडोरी तथा मोहगांव प्रोजेक्ट क्षेत्र शामिल हैं।

आकलन का पहला चरण 2 दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें मांसाहारी वन्यजीवों के साक्ष्य जुटाकर मोबाइल ऐप में दर्ज किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देशभर से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे, जिनमें से 15 राज्यों के 44 स्वयंसेवकों का चयन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को खटिया इको सेंटर में आयोजित हुआ

स्वयंसेवकों के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 नवंबर को खटिया इको सेंटर में आयोजित हुआ। इसमें कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रविंद्रमणि त्रिपाठी, उप संचालक अमिथा के.बी. सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

फील्ड डायरेक्टर रविंद्रमणि त्रिपाठी ने बाघ आकलन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए सटीक आंकड़े एक मजबूत आधारशिला प्रदान करते हैं। उप संचालक अमिथा के.बी. ने स्वयंसेवकों को फील्ड में काम करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया।

कान्हा के बायोलॉजिस्ट और मास्टर ट्रेनर्स ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देते हुए मांसाहारी जानवरों के पगमार्क, मल, खरोंच और अन्य संकेतों की सही पहचान कर उन्हें मोबाइल ऐप में दर्ज करने की विधि बताई। आकलन का संपूर्ण कार्य इसी मोबाइल आधारित ऐप के माध्यम से किया जाएगा।



Source link